नयी दिल्ली: मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत में आई कमी दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं में आई गिरावट की तुलना में कहीं कम है।


नागेश्वरन ने डॉलर के मुकाबले रुपये एवं अन्य मुद्राओं की कीमतों में आई इस गिरावट के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये से तमाम उभरती अर्थव्यवस्थाओं से विदेशी पूंजी की निकासी हो रही है जिससे स्थानीय मुद्राएं दबाव में आ गई हैं।


एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए नागेश्वरन ने संवाददाताओं से कहा, "जापानी येन, यूरो, स्विस फ्रैंक, ब्रिटिश पौंड का डॉलर के मुकाबले कहीं ज्यादा अवमूल्यन हुआ है।"


उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक दोनों ने ही विदेशी मुद्रा की निकासी को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके साथ ही विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिशें भी की गई हैं ताकि भारतीय मुद्रा की गिरती कीमत को रोका जा सके।


अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इस साल अब तक रुपये की कीमत करीब 7.5 प्रतिशत तक कम हो चुकी है। सोमवार को रुपया कारोबार के दौरान रुपया पहली बार 80 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया था।

—भाषा





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