Harsh Vardhan Shringla : हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी के शासन को बताया माफिया राज, कहा- सीपीआई (एम) के गुंडे टीएमसी में शामिल

हर्षवर्धन श्रृंगला का आरोप—पश्चिम बंगाल में माफिया राज और सिंडिकेट सिस्टम हावी
हर्षवर्धन श्रृंगला ने टीएमसी के शासन को बताया माफिया राज, कहा- सीपीआई (एम) के गुंडे टीएमसी में शामिल

सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत धमने का नाम नहीं ले रही है। एक पार्टी दूसरे पार्टी पर राज्य में विकास न करने का आरोप लगा रही है। इसी क्रम में राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने भी टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके शासन में माफिया राज काबिज रहा।

राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने समाचार एजेसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में गुंडों का राज कायम हो गया है। सीपीआई (एम) के गुंडे टीएमसी में शामिल हो गए हैं, और यहां माफिया राज और सिंडिकेट सिस्टम चल रहा है। ऐसे माहौल में लोगों और कारोबारियों से जबरदस्ती पैसे वसूले जा रहे हैं। मैंने कहा है कि लोग बदलाव चाहते हैं, लेकिन उसके लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव बहुत जरूरी हैं।"

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता परेशान है, इसीलिए टीएमसी को हटाकर भाजपा की सरकार लाने जा रही है। उनको भी पता है कि कौन सी पार्टी हमारा विकास कर सकती है, और वह भाजपा-शासित प्रदेशों में विकास देख रहे हैं।

राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने आगे कहा, "जब भी उत्तरी बंगाल ने भाजपा को समर्थन दिया है, और अभी यह देखा जा रहा है कि उत्तरी बंगाल में राज्य सरकार या टीएमसी सरकार की ओर से कोई फंडिंग नहीं आ रही है। हो सकता है कि आप ग्रामीण इलाकों और गांवों में गए हों। इन इलाकों में राज्य सरकार की ओर से कोई उचित फंडिंग नहीं की गई है।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "मैंने तीन साल तक बांग्लादेश में राजदूत के तौर पर काम किया है। बांग्लादेश मुख्य रूप से एक मुस्लिम देश है और उसके संविधान में भी उसे एक धर्मनिरपेक्ष राज्य बताया गया है। उसे एक धर्मनिरपेक्ष राज्य और एक मुस्लिम-बहुल राज्य, दोनों ही कहा जाता है। वहां एक समान संहिता भी लागू है। वहां हिंदू, बौद्ध और ईसाई सभी लोग रहते हैं, लेकिन सबके लिए एक समान नागरिक संहिता है। यह कोई इस्लामी संहिता नहीं है; यह एक समान नागरिक संहिता है। यहां तक कि दूसरे इस्लामी देशों में भी एक नागरिक संहिता लागू है।"

उन्होंने कहा कि "कांग्रेस के साथ क्या दिक्कत है? आप जानते हैं कि उन्होंने कुछ पहलें शुरू की थीं लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाए। इसमें आप यह भी देख सकते हैं कि उन्होंने बिल तो पास कर दिया, लेकिन उसे कभी सफलतापूर्वक लागू नहीं किया गया और वह वैसा का वैसा ही रह गया। इसी तरह, 'नारी शक्ति अभियान' भी उन्होंने शुरू किया था, लेकिन वे इसे आगे नहीं बढ़ा पाए या ठीक से लागू नहीं कर पाए और वह कानून पूरी तरह से अमल में नहीं आ पाया।"

उन्होंने कहा, "जिस दिन प्रधानमंत्री सिलीगुड़ी आए थे, उन्होंने ज़िक्र किया था कि रोडशो पांच सौ मीटर का होना था लेकिन वह पंद्रह किलोमीटर लंबा हो गया, क्योंकि इतने सारे लोग उनका समर्थन करने और उन्हें देखने आए थे। जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काफी पसंद कर रही है। उन्हें पता है कि इनके राज में विकास तेजी से होगा।"

राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "मैंने संसद में बजट पर चर्चा के दौरान भी यह बात कही थी कि उत्तरी बंगाल या पूरे बंगाल में चाय बागान श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 250 रुपए रखी जानी चाहिए। हालांकि, असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में यह 280 रुपए है, तमिलनाडु में 425 रुपए और केरल में 540 रुपए है। मौजूदा मजदूरी के साथ चाय बागान श्रमिकों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। आज के समय में, वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रख सकते हैं? यह सब कैसे संभव हो पाएगा।"

--आईएएनएस

 

 

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