West Bengal Politics : मंत्री दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना, बोले-जब वे जीत रहे थे, तब तक सब ठीक था

दिलीप घोष बोले- जीत तक ईवीएम ठीक थी, हार के बाद उठाए सवाल
मंत्री दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना, बोले-जब वे जीत रहे थे, तब तक सब ठीक था

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा है।

दिलीप घोष ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अभिषेक बनर्जी के बयान को लेकर कहा कि जब तक वे जीत रहे थे, तब तक सब ठीक था, ईवीएम ठीक थी और चुनाव आयोग ठीक था। अब जब वे हार गए हैं, तो कह रहे हैं कि मैनिपुलेशन हुआ है। समाज ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करता।

मंत्री दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार ने आईएएनएस से कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सब कुछ लागू किया जाएगा। बंगाल में जो भी घटनाएं हुई हैं, वे भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए। हम इस पर जीरो-टॉलरेंस अप्रोच के साथ काम करेंगे।

बता दें कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीते दिनों 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा था कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने लिखा था कि हमने एक बेहद मुश्किल चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण था।

अभिषेक बनर्जी ने लिखा था कि लोकतांत्रिक संस्थाएं जिन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वे भी सवालों के घेरे में दिखीं। इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

उन्होंने लिखा था कि लोकतंत्र तभी जिंदा रह सकता है, जब चुनावी संस्थाएं नागरिकों के मन में भरोसा और विश्वास जगाएं। दुर्भाग्य से, हमने जो कुछ देखा है, उसने उस भरोसे को बुरी तरह से तोड़ दिया है। इसके साथ ही चुनाव के बाद हुई हिंसा, पार्टी दफ्तरों पर हमले, हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को डराना-धमकाना और समर्थकों को धमकियां देना। ये सभी बातें एक लोकतांत्रिक समाज में बेहद चिंताजनक और कतई बर्दाश्त न करने के लायक हैं।

--आईएएनएस

 

 

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