Tripura State Rifles Deployment : पश्चिम बंगाल और असम चुनाव में सुरक्षा संभालेगी त्रिपुरा स्टेट राइफल्स

टीएसआर की इकाइयां पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव सुरक्षा के लिए तैनात की जाएंगी।
पश्चिम बंगाल और असम चुनाव में सुरक्षा संभालेगी त्रिपुरा स्टेट राइफल्स

अगरतला: त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) की इकाइयों को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल और असम में तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

त्रिपुरा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय के अनुरोध पर टीएसआर की 10 कंपनियां, जिनमें कुल 778 जवान शामिल हैं, चुनाव से पहले और मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी।

जानकारी के मुताबिक, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल (152 सीटें) और 29 अप्रैल (142 सीटें) को होगा। वहीं 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित होंगे।

अधिकारी ने बताया कि टीएसआर की दो एड-हॉक बटालियन, जिनमें प्रत्येक में पांच-पांच कंपनियां हैं, असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी के लिए तैनात की जाएंगी। टीएसआर (इंडिया रिजर्व बटालियन) को केंद्रीय बलों के हिस्से के रूप में लगाया जाएगा। इन बटालियनों का नेतृत्व कमांडेंट अमरजीत देबबर्मा और आलोक भट्टाचार्जी करेंगे।

उन्होंने बताया कि एमएचए ने शुरुआत में त्रिपुरा सरकार से 25 टीएसआर कंपनियां मांगी थीं, लेकिन राज्य में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में बल भेजने में सरकार ने असमर्थता जताई।

दरअसल, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद के 30 सदस्यीय चुनाव 12 अप्रैल को होंगे, जबकि उत्तर त्रिपुरा जिले की धर्मनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 9 अप्रैल को प्रस्तावित है।

टीएसआर के कुल 14 बटालियन हैं, जिनमें से 11 को इंडिया रिजर्व बटालियन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इन बटालियनों को आवश्यकता पड़ने पर देश के किसी भी राज्य में तैनात किया जा सकता है।

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान टीएसआर के जवान महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में भी चुनावी ड्यूटी निभा चुके हैं।

टीएसआर ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सुरक्षा व्यवस्था संभाली थी और लगभग सभी राज्यों में विधानसभा व लोकसभा चुनावों के दौरान अपनी सेवाएं दे चुकी है।

काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों में प्रशिक्षित टीएसआर ने त्रिपुरा में लंबे समय तक चली उग्रवाद की समस्या को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई है।

वर्तमान में टीएसआर की दो बटालियन 2019 से दिल्ली पुलिस के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तैनात हैं, जबकि एक अन्य बटालियन छत्तीसगढ़ में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के साथ 2022 से सुरक्षा सेवाएं दे रही है। इसके अलावा एक बटालियन त्रिपुरा में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के ड्रिलिंग साइट्स की सुरक्षा में लगी हुई है।

--आईएएनएस

 

 

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