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Jaipur Doctors Success : डॉक्टरों ने मानसिक रोगी के पेट से निकाले नट-बोल्ट, घड़ी, कीलें और रुद्राक्ष

जयपुर में डॉक्टरों ने युवक के पेट से घड़ी और नट-बोल्ट निकालकर बचाई जान
जयपुर : डॉक्टरों ने मानसिक रोगी के पेट से निकाले नट-बोल्ट, घड़ी, कीलें और रुद्राक्ष

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के एसएमएस अस्पताल में डॉक्टरों ने ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। यहां डॉक्टरों ने एक मानसिक रूप से बीमार युवक के पेट से घड़ी, नट-बोल्ट, रुद्राक्ष की माला और राधा-कृष्ण का लॉकेट समेत कई चीजें निकाली हैं।

मरीज मानसिक रूप से बीमार था और पिछले कई दिनों से उसने नट-बोल्ट, लोहे के टुकड़े और यहां तक कि अपनी हाथ की घड़ी भी निगल ली थी। जब घड़ी फूड पाइप में फंस गई तो उसे आपात स्थिति में एसएमएस अस्पताल लाया गया।

एसएमएस अस्पताल की जनरल सर्जन डॉ. शालू गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मरीज मानसिक रूप से अस्थिर था। पहले हमने एंडोस्कोपी से घड़ी को निकालने की कोशिश की, लेकिन दो बार प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली। तब हमने वीएटीएस यानी वीडियो असिस्टेड थोरेसिक सर्जरी करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह सर्जरी काफी जटिल थी, जो 3 घंटे तक चली।

डॉ. शालू ने बताया कि मरीज गुरुवार को हमारे पास आया था। उसके परिजनों का कहना था कि तीन दिन पहले उसने घड़ी निगल ली थी। जब हमने उसका एक्सरे कराया तो घड़ी उसके फूड पाइप में अटकी मिली। इसके अलावा रबड़, नट बोल्ट और ताबीज भी उसके पेट में दिखाई दिए।

पहले हमारी कोशिश थी कि एंडोस्कॉपी के माध्यम से वह घड़ी निकल जाए, ताकि फूड पाइप खोलने से बचा जा सके, क्योंकि फूड पाइप खोलने का रिस्क रहता है। लेकिन, काफी प्रयास के बाद भी घड़ी नहीं निकली, जिसके बाद हमें सर्जरी करके ही घड़ी को बाहर निकालना पड़ा। इसके साथ ही उसके पेट के अंदर से रुद्राक्ष, सुपारी, रबड़ और नट-बोल्ट जैसी चीजें निकाली गई हैं।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सफल हुआ है और मरीज बिल्कुल ठीक है।