Corruption Investigation India : ओडिशा विजिलेंस ने फॉरेस्टर भगवत भूषण बेहरा को 470 प्रतिशत अधिक संपत्ति के केस में गिरफ्तार किया

भ्रष्टाचार केस में बड़ी कार्रवाई, कई बेनामी संपत्तियां जब्त
ओडिशा विजिलेंस ने फॉरेस्टर भगवत भूषण बेहरा को 470 प्रतिशत अधिक संपत्ति के केस में गिरफ्तार किया

भुवनेश्वर: ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में एक बड़ा कदम उठाते हुए भगवत भूषण बेहरा नामक फॉरेस्टर को डिसप्रोपोर्शनेट एसेट्स (डीए) केस में गिरफ्तार किया है। बेहरा भटंगपदर फॉरेस्ट सेक्शन (भवानीपटना फॉरेस्ट रेंज, फॉरेस्ट नॉर्थ डिवीजन, कालाहांडी) में तैनात थे। उन पर उनकी ज्ञात आय के स्रोत से 470 प्रतिशत अधिक संपत्ति रखने का आरोप है, जिसका वे संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके।

21 फरवरी 2026 को विजिलेंस ने बेहरा को गिरफ्तार कर भवानीपटना के स्पेशल जज (विजिलेंस) की कोर्ट में पेश किया। उनके खिलाफ कोरापुट विजिलेंस पुलिस स्टेशन में केस नंबर 2/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें सेक्शन 13(2) आर/डब्ल्यू 13(1)(बी)/12 ऑफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2018 लगाई गई है। आरोप बेहरा, उनकी पत्नी और परिवार के सदस्यों पर है।

तलाशी के दौरान करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ, जिसमें हिल टाउन, भवानीपटना में 5300 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाली तीन मंजिला बिल्डिंग (2022-24 में निर्मित, अनुमानित मूल्य 1.36 करोड़ रुपए), 9 कीमती प्लॉट भवानीपटना शहर और आसपास, 34.08 लाख रुपए से अधिक के बैंक, पोस्टल और इंश्योरेंस डिपॉजिट, 470 ग्राम सोने और 350 ग्राम चांदी के गहने, 4 कुबोटा हार्वेस्टर मशीनें, 1 अशोक लेलैंड टिपर, 1 भारत बेंज हाइवा, 4 ट्रैक्टर, 1 बोलेरो (सभी बेनामी), 1 टोयोटा अर्बन क्रूजर फोर व्हीलर और 1 रॉयल एनफील्ड बुलेट टू व्हीलर (कुल मूल्य लगभग 12 लाख रुपए) और कैश और घरेलू सामान मूल्य 11.15 लाख रुपए शामिल हैं।

विजिलेंस ने बेहरा की आय, खर्च और एसेट्स का विस्तृत हिसाब लगाया, जिसमें पाया गया कि उनकी संपत्ति ज्ञात स्रोतों से 470 प्रतिशत अधिक है। इस जांच से पता चला कि कई संपत्तियां बेनामी नामों पर हैं, जो भ्रष्टाचार की गहरी जड़ दर्शाती हैं।

ओडिशा विजिलेंस ने 20 फरवरी को ही भवानीपटना में तीन जगहों (बेहरा का आवासीय भवन, उनके भाई का घर और ऑफिस चैंबर) पर सिमल्टेनियस रेड की थीं। रेड के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। जांच में पाया गया कि फॉरेस्टर के पास अनुपातहीन संपत्ति है, जो वन विभाग की पोस्टिंग के दौरान जमा हुई।

विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण है। मामले की जांच जारी है, जिसमें बेनामी संपत्तियों के असली मालिकों का पता लगाया जा रहा है और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश हो रही है। यदि दोष सिद्ध हुआ तो बेहरा को सख्त सजा हो सकती है।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...