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Odisha Fertilizer Crisis : उर्वरक संकट को लेकर विपक्षी दलों ने की राज्य सरकार की आलोचना

खाद संकट पर ओडिशा सरकार को बीजद और कांग्रेस का निशाना
ओडिशा: उर्वरक संकट को लेकर विपक्षी दलों ने की राज्य सरकार की आलोचना

भुवनेश्वर: ओडिशा के कई जिलों में चल रहे खाद संकट को लेकर रविवार को विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला। दोनों दलों ने सरकार पर किसानों को गुमराह करने और जमीनी सच्चाई से आंखें मूंदने का आरोप लगाया है।

वरिष्ठ बीजद नेता प्रसन्न आचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा खाद की पर्याप्त उपलब्धता के दावे झूठे और भ्रामक हैं।

उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा, "मंत्रियों को केवल भुवनेश्वर में बयान देने की बजाय गांवों में जाकर जमीनी हालात देखने चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि किसानों को पर्याप्त खाद मिल रही है, तो हम उनके दावे को मान लेंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि किसानों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।"

उन्होंने बताया कि कई जिलों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) के बाहर मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

प्रसन्न आचार्य ने यह भी दावा किया कि खाद की कालाबाजारी हो रही है और किसान मजबूरी में बाजार से दो से तीन गुना अधिक दाम पर खाद खरीद रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह संकट दिखाता है कि राज्य में खाद की आपूर्ति पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, जबकि स्टॉक मौजूद है।

प्रसन्न आचार्य ने घोषणा की कि बीजद सोमवार को भुवनेश्वर स्थित राजभवन के बाहर प्रदर्शन करेगी और राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करेगी ताकि खाद संकट का समाधान निकाला जा सके।

कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में किसानों की समस्याओं को जोर-शोर से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन माझी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा, "विपक्ष केवल झूठे आरोप लगाकर किसानों को भ्रमित करना चाहता है। लेकिन अब किसान और जनता समझ चुके हैं कि उनका भला कौन कर रहा है। सरकार विधानसभा में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।"