Uniform Civil Code : यूसीसी आज की जरूरत, ममता तुष्टीकरण की राजनीति छोड़ें: शाइना एनसी

शाइना एनसी ने ममता बनर्जी पर UCC विवाद व महिला आरक्षण को लेकर तीखा हमला बोला
यूसीसी आज की जरूरत, ममता तुष्टीकरण की राजनीति छोड़ें: शाइना एनसी

मुंबई: शिवसेना नेता शाइना एनसी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर झूठा नैरेटिव फैलाना बंद करें।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) आज की जरूरत है। आप वोट बैंक की राजनीति क्यों कर रही हैं और छद्म-धर्मनिरपेक्षता का खेल क्यों खेल रही हैं। हम एक समान नागरिक संहिता लाना चाहते हैं, ताकि सभी नागरिकों को समान न्याय मिले और किसी भी तरह का तुष्टीकरण न हो।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर उन्होंने कहा कि इस देश की महिलाओं को इस ऐतिहासिक कदम के लिए 27 साल तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई है।

शाइना एनसी ने कहा कि यह बिल लैंगिक समानता सुनिश्चित करते हुए महिलाओं को इतिहास रचने का अवसर प्रदान करेगा। पाकिस्तान का जिक्र करते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच केवल एक कठपुतली की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि पाकिस्तान को सबसे पहले अपने ही घर में पनप रहे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जो वहां सुरक्षित पनाह पाए हुए हैं, तभी वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में मध्यस्थता करने की बात सोच सकता है।

औपनिवेशिक मानसिकता पर सवाल उठाते हुए शाइना एनसी ने कहा कि हम अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता क्यों जी रहे हैं। शहरों के नाम बदलने का कदम स्वागत योग्य है। छत्रपति शिवाजी महाराज और अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान हस्तियों के नाम पर शहरों का नामकरण एक सकारात्मक दिशा है। महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर तथा अहमदनगर का नाम बदलकर अहिल्या नगर करना इसी दिशा में उठाया गया स्वागत योग्य कदम है। उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी नीति का अनुसरण कर रहे हैं।’

महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की बैठक पर उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी, जिसने ‘नारी शक्ति वंदन’ और महिला आरक्षण बिल को सबसे लंबे समय तक अटकाए रखा, अब झूठे बहाने बना रही है। 27 साल बीत जाने के बाद भी संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र 13-14 प्रतिशत ही है। ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम के तहत 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। अगर कांग्रेस की सोच वास्तव में प्रगतिशील है, तो उसे भारत की 50 प्रतिशत आबादी यानी महिलाओं के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।

पीएम मोदी के घुसपैठ वाले बयान पर उन्होंने कहा कि जो पार्टियां घुसपैठियों को पनाह देती रही हैं और बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को बढ़ावा देती रहीं। उन्हें समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार और एनडीए भारतीय नागरिकों के हितों के साथ मजबूती से खड़ा है। हम वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण नहीं देंगे, जो भारत की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालते हैं।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...