
मुंबई: नासिक टीसीएस में 'कॉर्पोरेट जिहाद' के आरोप में निदा खान की गिरफ्तारी के बाद शिवसेना नेता संजय निरुपम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मांग की कि एआईएमआईएम पार्टी की गतिविधियों की जांच होनी चाहिए। साथ ही, संजय निरुपम ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी सवाल उठाया।
संजय निरुपम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "कॉर्पोरेट जिहाद मामले में मुख्य आरोपी निदा खान 40 दिन तक पुलिस को चकमा देती रही। महाराष्ट्र पुलिस उसे ढूंढने के लिए लगातार अभियान चलाती रही और आखिरकार वह छत्रपति संभाजी नगर क्षेत्र के एक घर में मिली। वह पहले मुंब्रा में छिपी हुई थी, फिर जाकर छत्रपति संभाजी नगर में छिपी। पता चला कि वह घर एआईएमआईएम के एक नेता का है। क्या निदा खान को एआईएमआईएम के लोगों ने संरक्षण दे रखा था?"
उन्होंने कहा, "जब कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन कर रहा है, पुलिस ढूंढ रही है, तब उसे संरक्षण देना देश के कानून को चुनौती देना है। इससे स्पष्ट है कि महाराष्ट्र में चल रही 'जिहाद' की गतिविधियों में शामिल लोगों को एआईएमआईएम संरक्षण दे रही है।"
शिवसेना नेता ने कहा कि निंदा खान ने जो काम किया, वह देशविरोधी है। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से एआईएमआईएम की गतिविधियों की जांच होनी चाहिए। पता लगाया जाना चाहिए कि जिहादी नेटवर्क का असली सरगना असदुद्दीन ओवैसी तो नहीं है। अगर थोड़े भी सबूत मिलते हैं तो एआईएमआईएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
इस दौरान, संजय निरुपम ने केरल में कांग्रेस की ओर से अभी तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी।
निरुपम ने कहा, "कांग्रेस सत्तालोभी पार्टी है। कांग्रेस के नेताओं को आम लोगों या अपने-अपने राज्यों की कोई परवाह नहीं है। वे केवल अपने स्वार्थ और सत्ता की चाह से प्रेरित हैं। ऐसे सत्ता-लोभी नेताओं के बीच केरल में सिर फुटव्वल चल रही है। 140 विधानसभा सदस्यों में से 100 से अधिक सीटें कांग्रेस और उसके गठबंधन को मिली हैं। आज चुनाव परिणामों को आए हफ्तेभर से अधिक समय हो चुका है, लेकिन कांग्रेस तय नहीं कर पा रही है किन उनका मुख्यमंत्री कौन होगा।"
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठा हुआ एक व्यक्ति (केसी वेणुगोपाल) मुख्यमंत्री बनना चाहता है, जिसने केरल में जमीन पर उतरकर काम किया और सरकार लाने की स्थिति पैदा की वह भी मुख्यमंत्री बनना चाहता है, कुछ पुराने नेता भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। अब पूरा हाईकमान यह देखेगा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली में कौन-सा व्यक्ति कितने पैसे पहुंचाता है। क्योंकि यह कांग्रेस का ओपन सीक्रेट है कि जो मुख्यमंत्री बनेगा उसको सैकड़ों करोड़ों रुपए कांग्रेस हाईकमान और परिवार को देना ही पड़ेगा।
शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि मेरा मानना है कि लेन-देन के ऊपर ही पूरा विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री वही बनेगा, जो लेन-देन में कांग्रेस आलाकमान के सामने सबसे बड़ी बोली लगाएगा।
--आईएएनएस
