BJP Workers Medical Assistance : मध्य प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं को मिलेगी चिकित्सा सहायता

भाजपा कार्यकर्ताओं को इलाज और आर्थिक मदद देगा ‘सेवा प्रकल्प’, 14 अप्रैल से शुरुआत
मध्य प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं को मिलेगी चिकित्सा सहायता

भोपाल: मध्य प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सेवा प्रकल्प शुरू किया जा रहा है।

चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विशाल सिंह बघेल ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को त्वरित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशेष पहल के रूप में ‘सेवा प्रकल्प’ कार्यालय का शुभारंभ 14 अप्रैल को शुरू हो रहा है।

डॉ. बघेल ने बताया कि ‘हर व्यक्ति स्वस्थ रहे, स्वस्थ कार्यकर्ता सशक्त संगठन’ की भावना के साथ यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रकल्प के माध्यम से जरूरतमंद पार्टी कार्यकर्ताओं को त्वरित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा मुख्यमंत्री सहायता कोष एवं स्वेच्छा अनुदान के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक कक्ष बनाया गया है जहां अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञ स्वास्थ्य परामर्श, प्राथमिक मार्गदर्शन एवं आवश्यक सलाह प्रदान करेंगे। सेवा प्रकल्प के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना, राहगीर सहित अन्य शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का निराकरण भी किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान एवं सेवा टीम को सक्रिय किया जाएगा और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग प्रदान किया जाएगा।

सहायता प्राप्त करने के लिए भाजपा प्रदेश कार्यालय में सहायता सेवा केंद्र प्रारंभ किया जाएगा, जहां निर्धारित समय में कार्यकर्ता उपस्थित होकर जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकेंगे। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विशाल सिंह बघेल ने बताया कि सेवा प्रकल्प के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है, जिसमें आवेदन पत्र, चिकित्सकीय प्रमाण पत्र अथवा अस्पताल का अनुमानित व्यय, आय प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इसके पश्चात प्राथमिक सत्यापन, संबंधित अस्पताल अथवा चिकित्सक से पुष्टि, पात्रता अनुसार मुख्यमंत्री सहायता कोष या स्वेच्छा अनुदान हेतु प्रस्ताव तैयार कर त्वरित अनुशंसा एवं फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया है कि गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय एवं किडनी संबंधी रोगों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है, जिससे समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके। प्रकल्प के संचालन हेतु शासन और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा और सभी आवेदन का रिकॉर्ड एवं ट्रैकिंग की जाएगी। इस प्रकल्प की जानकारी बूथ स्तर तक व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और बैठकों के माध्यम से पहुंचाई जाएगी। जल्द ही इसके लिए मोबाइल एप भी लॉन्च किया जाएगा। सेवा प्रकल्प की 14 अप्रैल को शुरुआत हो रही है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित तमाम नेता मौजूद रहेंगे।

--आईएएनएस

 

 

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