Mann Ki Baat Program : पीएम मोदी का कार्यक्रम सकारात्मक बदलाव और जनभागीदारी को दर्शाता है: राज्यपाल मंगूभाई पटेल

राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने मन की बात को राष्ट्र निर्माण का प्रेरक मंच बताया
पीएम मोदी का कार्यक्रम सकारात्मक बदलाव और जनभागीदारी को दर्शाता है: राज्यपाल मंगूभाई पटेल

भोपाल: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है और राष्ट्र निर्माण में जनता की भागीदारी को उजागर करता है।

कार्यक्रम के प्रसारण से पहले मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों और नव-भर्ती कांस्टेबलों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो प्रसारण नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जो देश भर से प्रेरणादायक कहानियों को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उन व्यक्तियों पर ध्यान केंद्रित करता है जो चुनौतियों के बावजूद समाज में योगदान देते हैं और समर्पण एवं जनसेवा के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

पटेल ने कहा कि 'मन की बात' के माध्यम से देश भर से प्रेरणादायक कहानियों को उजागर किया जाता है। ऐसे उदाहरण पुलिस बल के सदस्यों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के प्रति अधिक संवेदनशीलता और कर्तव्य की प्रबल भावना विकसित करने में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे कार्यक्रम को नियमित रूप से सुनें और साझा किए गए अनुभवों से प्रेरणा लें, न कि इसे एक नियमित या औपचारिक आयोजन समझें।

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण अवधि पुलिस कर्मियों के भावी करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करने की प्रतिज्ञा है।

पटेल ने कहा कि पुलिस को जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आचरण व्यावसायिकता और सहानुभूति दोनों को प्रतिबिंबित करे।

उन्होंने आगे कहा कि ‘मन की बात’ में दिखाए जाने वाले सामाजिक पहलों और उपलब्धियों की कहानियों को सुनकर यह पता चलता है कि व्यक्तिगत प्रयास किस प्रकार व्यापक सामाजिक परिवर्तन में योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस कर्मियों को अनुशासन, शिष्टाचार और तत्परता बनाए रखनी चाहिए ताकि नागरिक कानून प्रवर्तन अधिकारियों से संपर्क करते समय सुरक्षित महसूस करें।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को इस बात पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया कि वे कार्यक्रम के संदेशों को अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में कैसे शामिल कर सकते हैं और विश्वास व्यक्त किया कि वे सार्वजनिक सेवा के मूल्यों को बनाए रखेंगे और पुलिस बल को मजबूत करने में योगदान देंगे।

--आईएएनएस

 

 

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