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Kuno National Park : कूनों में आए नए मेहमान, ज्वाला ने दिया 5 शावकों को जन्म

कूनो पार्क में ज्वाला चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया, भारत में चीतों की संख्या 53 हुई
कूनों में आए नए मेहमान, ज्वाला ने दिया 5 शावकों को जन्म

भोपाल/श्योपुर: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है, यहां ज्वाला चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है। अब भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है।

राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस सोशल मीडिया पर मादा चीता और शावकों की तस्वीर साझा करते हुए बताया है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और खुशखबरी आई है। चीता ज्वाला ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जो चीता परियोजना के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही, भारत में चीतों की कुल संख्या पचास का आंकड़ा पार कर 53 हो गई है।

उन्होंने आगे कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है और भारत में चीतों के पुनर्वास के प्रयासों की सफलता का एक सशक्त प्रमाण है।

दरअसल एशिया चीता विहीन हो गया था और चीता के पुनर्स्थापन के लिए राज्य के कूनो नेशनल पार्क को चुना गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर लगभग तीन साल पहले दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों के दल को छोड़ा था। ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब अपने प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और सफल प्रजनन के चरण में प्रवेश कर चुका है।

दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से 8 वर्तमान में कूनो में पूर्णतः स्थापित और स्वस्थ हैं। इनमें से 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक जीवित और स्वस्थ हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जो इस परियोजना की ऐतिहासिक उपलब्धि है।

‘गामिनी’ दूसरी बार मां बनी है। उसकी पहली गर्भावस्था से जन्में 3 सब-एडल्ट शावक स्वस्थ हैं और हाल ही में उसने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। ‘वीरा’ अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि ‘निर्वा’ अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाडे में है। इसके अलावा पिछले माह ही बोत्स्वाना से नौ चीतों को एयर लिफ्ट कर लाया गया है।

--आईएएनएस