रांची : बिजली-पानी संकट के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल, राजधानी की सड़कों पर उतरे नेता-कार्यकर्ता

रांची में जल-बिजली संकट पर बीजेपी का हल्ला बोल, सरकार पर तीखा हमला
रांची : बिजली-पानी संकट के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल, राजधानी की सड़कों पर उतरे नेता-कार्यकर्ता

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में गहराते जल संकट और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि इस संकट के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। प्रदर्शनकारी रांची के शहीद चौक से जुलूस की शक्ल में समाहरणालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई बड़े नेता भी मौजूद रहे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि गर्मी की शुरुआत होते ही राजधानी में बिजली और पानी की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। उन्होंने सरकार पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर घंटों बिजली कटौती से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर पानी के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जो सरकार जनता को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि जिस राजधानी में पूरी सरकार बैठती है, वहां बिजली और पानी का संकट इतना गंभीर है, तो राज्य के सुदूर इलाकों की आबादी कितनी विकट परिस्थितियों से गुजर रही होगी, यह समझना मुश्किल नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है और जनता त्राहिमाम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनसमस्याओं के प्रति संवेदनहीन हो चुकी है।

रांची के विधायक सीपी सिंह ने भी बिजली विभाग और जलापूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आम जनता की आवाज बनकर इन बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई है जो आगे भी जारी रहेगी।

--आईएएनएस

 

 

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