बडगाम रेप और हत्या मामले की जांच करेगी पांच सदस्यीय एसआईटी, दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

बडगाम की दर्दनाक घटना पर नेताओं की प्रतिक्रिया, SIT जांच जारी
बडगाम रेप और हत्या मामले की जांच करेगी पांच सदस्यीय एसआईटी, दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में 12 साल की एक लड़की के रेप और हत्या के मामले ने पूरे कश्मीर में आक्रोश फैल गया है। पुलिस एफआईआर दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इस बीच उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस केस को लेकर विचार-विमर्श किया। उन्होंने एक व्यापक और समय-सीमा के भीतर जांच पूरी करने के सख्त निर्देश दिए और वादा किया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

23 मई को लड़की लापता हो गई थी, जब वह 'दरसगाह' (बच्चों के लिए धार्मिक शिक्षा का केंद्र) जा रही थी। अगले दिन उसका शव गालवानपोरा इलाके में उसके घर से महज 200 मीटर की दूरी पर मिला था।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर कहा कि मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में एक कम उम्र की लड़की की दुखद हत्या बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना है। जहां एक ओर संबंधित एजेंसियां ​​उसकी हत्या के कारणों की जांच कर रही हैं, वहीं यह भी जरूरी है कि हम एक समाज के तौर पर इस बात पर विचार करें कि हम किस दिशा में जा रहे हैं, जब हमारे अपने बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं। मैं बिना किसी शर्त या हिचकिचाहट के इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उसे जन्नत में जगह दे। मेरी सरकार दोषी पाए जाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच एजेंसियों को हर संभव मदद देगी।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बडगाम में 12 साल की एक बच्ची की बेरहमी से की गई हत्या की खबर सुनकर मैं पूरी तरह से टूट गई हूं। रेप के आरोपों ने इस घटना को और भी ज्यादा चौंकाने वाला, परेशान करने वाला और विचलित करने वाला बना दिया है। यह सोचकर ही रूह कांप उठती है कि क्या हमारे बच्चे सचमुच सुरक्षित हैं।

जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद अल्ताफ बुखारी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि बडगाम में हुई यह दुखद घटना, जिसमें एक 12 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या कर दी गई, बेहद दिल दहला देने वाली है। ऐसा जघन्य कृत्य केवल कोई जानवर ही कर सकता है। यह एक हृदयविदारक त्रासदी है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इसमें शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और बिना किसी देरी के न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस असीम दुख की घड़ी में, हम सर्वशक्तिमान अल्लाह से यही प्रार्थना कर सकते हैं कि वह पीड़ित बच्ची के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को इस अकल्पनीय और असहनीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें।

कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु और वरिष्ठ धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि बडगाम में 12 साल की एक बच्ची की दुखद मौत से मैं बेहद दुखी और व्यथित हूं, वह बच्ची 'दरसगाह' (धार्मिक शिक्षा केंद्र) जाते समय लापता हो गई थी। इस घटना से जुड़े हालात अत्यंत पीड़ादायक हैं और इन्होंने हर इंसान की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। हम एक समाज के तौर पर किस दिशा में जा रहे हैं। अगर हमारे बच्चे शिक्षा और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए जाते समय भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते, ऐसी घटनाएं लोगों के बीच डर, दुख और गहरी चिंता फैलाती हैं और हर स्तर पर गंभीर आत्म-चिंतन की मांग करती हैं। इस मामले की गहन, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच की जानी चाहिए, और इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें सरकार की ओर से त्वरित सहायता का आश्वासन दिया। बडगाम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) द्वारा इस अपराध के सभी पहलुओं की जांच के लिए 5 सदस्यों वाली एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

 

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