गुजरात में जनगणना 2027 के लिए चल रहे स्व-गणना अभियान में 23 लाख से अधिक नागरिक शामिल हुए

गुजरात में जनगणना 2027 के ऑनलाइन स्व-गणना अभियान को मिला व्यापक समर्थन
गुजरात में जनगणना 2027 के लिए चल रहे स्व-गणना अभियान में 23 लाख से अधिक नागरिक शामिल हुए

गांधीनगर: अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नागरिकों सहित गुजरात भर में 23 लाख से अधिक लोगों ने जनगणना 2027 के लिए राज्य के चल रहे स्व-गणना अभियान में भाग लिया है।

स्व-गणना अभियान 17 मई को शुरू हुआ और 31 मई तक चलेगा।

गुजरात में जनगणना संचालन निदेशालय के अनुसार, अहमदाबाद में सबसे अधिक 42,000 से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, इसके बाद सूरत में 22,000, वडोदरा और आनंद में 16,000-16,000, राजकोट में 14,000 और मेहसाना में 11,000 से अधिक प्रतिभागी दर्ज किए गए।

जनगणना निदेशक सुजल मायात्रा ने कहा कि इस अभियान को राज्य भर के नागरिकों से भरपूर प्रतिक्रिया मिली है और उन्होंने समय सीमा से पहले व्यापक भागीदारी की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य भर के अधिकतम नागरिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए घर से ही स्व-गणना प्रपत्र भरें और सटीक जानकारी प्रदान करें, तो इससे जनगणना कर्मचारियों पर कार्यभार कम होगा और कार्य की गति बढ़ेगी।

मायात्रा ने कहा कि अगले दो दिनों में सरकारी कर्मचारी भी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के सभी कर्मचारी 29 मई को स्व-गणना प्रपत्र भरेंगे, जबकि पुलिस विभाग के कर्मचारी 30 मई को ऐसा करेंगे।

उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 में पहली बार एक स्व-गणना प्रणाली शामिल होगी, जिससे नागरिक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल फोन के माध्यम से विवरण जमा कर सकेंगे। प्रपत्रों तक केवल एक निर्दिष्ट क्यूआर कोड के माध्यम से पहुंचा जा सकता है।

नागरिक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उत्तरदाताओं को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे आधिकारिक दौरे के दौरान गणना अधिकारी के साथ साझा करना होगा।

इसके बाद डेटा को केंद्रीय डेटाबेस में जोड़ने से पहले सत्यापित किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि गुजराती समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध डिजिटल सिस्टम और मोबाइल एप्लिकेशन के इस्तेमाल से डेटा संग्रह में तेजी आएगी और फील्ड वर्क का बोझ कम होगा। एंड्रॉइड और आईओएस एप्लिकेशन के जरिए ऑफलाइन मोड में भी डेटा संग्रह संभव होगा।

जनगणना दो चरणों में की जाएगी। पहला चरण, हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस (एचएलओ), गुजरात में 1 जून से 30 जून तक चलेगा।

इस चरण के दौरान, अधिकारी 33 प्रश्नों के माध्यम से आवास की स्थिति, घरेलू विवरण, पेयजल स्रोत, शौचालय सुविधाएं और अन्य संपत्तियों के बारे में जानकारी एकत्र करेंगे।

--आईएएनएस

एमएस/

 

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