
नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह ‘चंडाल चौकड़ी’ भय और भ्रम का माहौल बनाने का मौका ढूंढती है, लेकिन संकट के समय समाधान की बात होनी चाहिए। पीएम मोदी ने देशवासियों से जो अपील की है, वह देशहित में है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि दुनिया वर्तमान में संकट की स्थिति से गुजर रही है। हमें इसे रोकना होगा। हमें सावधान रहना होगा, लेकिन यह अफसोस की बात है कि कुछ लोग इस संकट में समाधान का हिस्सा बनने के बजाय खुद भ्रम और भय फैलाना चाहते हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी कोई संकट आया है, ऐसे लोग समाधान का हिस्सा बनने के बजाय खुद संकट का हिस्सा बन गए हैं। ऐसे लोग और ऐसी राजनीतिक पार्टियां चुनावी चौपाल में चारों खाने चित हुईं। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उससे कोई लाभ नहीं होगा।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने वाले बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि यह ‘चंडाल चौकड़ी’ हर उस मौके की तलाश में रहती है, जब वह देश में डर और भ्रम पैदा कर सके। इसलिए हमें सतर्क रहना होगा कि वे मनगढ़ंत भ्रम न फैला सकें। हम किसी को भी डर और अंधविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दे सकते।
उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी या भारत सरकार की यह सफल यात्रा कोई इत्तेफाक नहीं है। असल में, यह लोगों की पसंद का नतीजा है। लोगों की मांग के कारण ही भाजपा आज 22 राज्यों में सरकार चला रही है, जहां देश की लगभग 78 प्रतिशत आबादी रहती है। नरेंद्र मोदी और एनडीए की पूरी टीम की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और तपस्या का परिणाम है। मेरा मानना है कि भाजपा का विस्तार भारत के सशक्तीकरण और विकास से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि लोग लगातार अपना समर्थन दे रहे हैं और भाजपा तथा एनडीए लोगों की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं।
पीएम मोदी को लेकर दिए सपा सांसद के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि जो लोग नरेंद्र मोदी को कोस रहे हैं, वे मवालियों जैसा बर्ताव कर रहे हैं। मोदी को कोसते-कोसते वे कोसी नदी के किनारे पहुंच गए हैं। वे हार नहीं मान रहे हैं, लेकिन इससे नरेंद्र मोदी को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। असल में, इससे उन्हीं लोगों को नुकसान हो रहा है।
बंगाल सरकार के पहली कैबिनेट के फैसले पर भाजपा नेता ने संतोष जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल बहुत सारी समस्याओं से घिरा हुआ था। घुसपैठियों को वहां सरकार का संरक्षण, समर्थन और सुरक्षा मिली रही थी। नतीजतन, घुसपैठियों ने अलग-अलग रूपों और रंगों में पश्चिम बंगाल को घेरने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही हमारी सरकार आई, हमारी प्राथमिकता घुसपैठियों की पहचान करना, उन्हें हटाना और देश से बाहर निकालना है। सरकार ने उसी दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
--आईएएनएस
