Telangana Praja Jagruti : दिल्ली हाईकोर्ट ने ईसीआई को दिया निर्देश, के. कविता की पार्टी रजिस्ट्रेशन अर्जी पर जल्द फैसला लें

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को के. कविता की पार्टी पंजीकरण आवेदन पर जल्द निर्णय देने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने ईसीआई को दिया निर्देश, के. कविता की पार्टी रजिस्ट्रेशन अर्जी पर जल्द फैसला लें

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को निर्देश दिया कि वह भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के पूर्व नेता के. कविता द्वारा दायर उनकी प्रस्तावित राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ के पंजीकरण आवेदन पर जल्द से जल्द निर्णय ले।

न्यायमूर्ति अमित बंसल की एकल पीठ ने यह आदेश के. कविता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कविता ने अपनी प्रस्तावित पार्टी की अध्यक्ष के रूप में यह याचिका दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत दायर आवेदन पर निर्वाचन आयोग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

याचिका में बताया गया कि ‘तेलंगाना प्रजा जागृति’ का गठन 19 जनवरी 2026 को विधिवत आयोजित आम बैठक में किया गया था, जिसमें पार्टी का संविधान अपनाया गया और पदाधिकारियों को पंजीकरण के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया। इसके बाद 23 जनवरी को सभी जरूरी दस्तावेजों जैसे पार्टी संविधान, नोटरीकृत हलफनामे, 151 सदस्यों की सूची, बैठक की प्रमाणित कार्यवाही और निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन ईसीआई को सौंपा गया, जिसे 27 जनवरी को स्वीकार भी कर लिया गया।

हालांकि, याचिका में आरोप लगाया गया कि इसके बाद से आयोग ने आवेदन की जांच, सार्वजनिक नोटिस जारी करने या सुनवाई का अवसर देने जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया शुरू नहीं की। इसे मनमाना और अनुचित बताते हुए कहा गया कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 19(1)(c) का उल्लंघन है।

कविता ने यह भी दलील दी कि तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनाव जारी हैं और आने वाले चुनावों की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है, ऐसे में देरी के कारण उनकी पार्टी चुनाव में अपने नाम और चुनाव चिन्ह के साथ हिस्सा नहीं ले पा रही है।

मामले की सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह आवेदन पर शीघ्र निर्णय ले और याचिका का निपटारा कर दिया।

गौरतलब है कि के. कविता, जो पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी हैं, ने पिछले साल बीआरएस से मतभेद के बाद पार्टी छोड़ दी थी और नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया था। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की भी इच्छा जताई है, जिसमें सिद्धिपेट या बोधन सीट उनकी प्राथमिक पसंद बताई गई है।

--आईएएनएस

 

 

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