पटना: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) योजना ने बिहार के शेखपुरा जिले की एक दंपति की किस्मत बदल दी है। रविता कुमारी और मनमेंद्र कुमार ने योजना के जरिए अपनी आजीविका को न सिर्फ बेहतर बनाया, बल्कि वे क्षेत्र में अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल बन चुके हैं। सरकारी मदद से उन्होंने आटा और तेल प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कीं, अपनी आमदनी बढ़ाई, आत्मनिर्भरता हासिल की और अपने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित की।
रविता कुमारी और मनमेंद्र कुमार शेखपुरा जिले के घाटकुसुंबा प्रखंड के पानापुर गांव के निवासी हैं। मनमेंद्र कुमार पहले एक छोटी आटा चक्की मशीन के सहारे काम करते थे। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल था। उन्होंने शेखपुरा मुख्यालय स्थित उद्योग विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त की और इसका लाभ उठाने का निर्णय लिया।
योजना के तहत उन्हें आटा चक्की और तेल पिराई मशीन उपलब्ध हुई। इसके बाद उनकी मेहनत रंग लाई। आधुनिक मशीनों के सहारे उत्पादन बढ़ा और आय में इजाफा हुआ। आज वे हर महीने अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं, जिससे न केवल परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से हो रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है।
लाभार्थी मनमेंद्र कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह योजना बहुत अच्छी है और इसका लाभ उठाने में कोई कठिनाई नहीं होती। मैं भारत सरकार को हमें रोजगार के अवसर प्रदान करने और आर्थिक रूप से हमारी मदद करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।"
उन्होंने बताया कि वे पहले छोटी आटा चक्की के सहारे परिवार को चला रहे थे। अभी पीएमएफएमई योजना का लाभ उठाते हुए अपने काम को बढ़ाया है। फिलहाल कमाई ठीक हो रही है और आसपास के दो-तीन गांवों से लोग आटा और तेल के लिए आते हैं।
लाभार्थी रविता कुमारी ने कहा, "पहले हम एक छोटी सी चक्की चला रहे थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री योजना के तहत हमने लोन लिया है और एक चक्की शुरू की है। पहले हमारी कमाई बहुत कम थी और मेरे बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल था।"
--आईएएनएस
