पटना: पश्चिम बंगाल समेत देश के चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनावी नतीजे आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष चुनावी धांधली का आरोप लगा रहा है, इस बीच जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने मंगलवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "विपक्ष के बयानों में एक समानता देखिए। विपक्ष जहां पर गड़बड़ियों को लेकर आरोप लगाता है और जनादेश की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। उन्हें यह साफ करना होगा कि केरल की जीत को कांग्रेस स्वीकार करती है या नहीं? अगर कांग्रेस मानती है कि केरल में उन्हें जीत मिली है, तो यह चुनाव आयोग के बेहतर प्रबंधन की वजह से ही हुई है। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भी भारतीय निर्वाचन आयोग ने चाक-चौबंद व्यवस्था और निर्भीक मतदान को सुनिश्चित किया। वहां बदलाव भाजपा के पक्ष में था। ऐसे दोहरे मापदंडों से ममता बनर्जी, राहुल गांधी या अखिलेश यादव को बचना चाहिए।"
उन्होंने बंगाल चुनाव के नतीजों पर कहा, "यह कई दशकों की साधना का परिणाम है। भाजपा ने हार और जीत की परवाह नहीं की। लगातार उनके नेता जनता के बीच सक्रिय बने रहे। अंतत: ममता बनर्जी के कुशासन की वजह से उनकी राह आसान हुई। दूसरी तरफ भाजपा को पीएम मोदी का यशस्वी नेतृत्व मिला। अगर विपक्ष जनादेश के मर्म को नहीं समझ पाते हैं तो उन्हें इससे भी बड़ी पराजय के लिए तैयार रहना होगा। बंगाल को एक नई गति और दिशा की जरूरत है। वहां पर निवेश का आना आवश्यक है। पीएम मोदी के पास अच्छे रणनीतिकार और अच्छे प्रशासक हैं, जो इन उद्देश्यों को जमीन पर उतारने पर अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे।"
बिहार में निशांत कुमार के जनसमर्थन को लेकर कहा, "यह अद्भुत, अद्वितीय और अप्रीतम है। बिहार में जिस तरह का दृश्य लोगों को दिख रहा है, निशांत कुमार से लोगों को उम्मीदें हैं। जनभावनाएं पार्टी के साथ हैं। लोग नीतीश कुमार की छवि निशांत के अंदर देख रहे हैं। 20 वर्षों में बिहार के अंदर शानदार काम हुआ है। ऐसे में उस निरंतरता को जारी रखने का काम सम्राट चौधरी ने किया है।
बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा, "यह बहुत जल्द होगा। अब लोगों को अपेक्षाएं भी हैं कि किसी भी मंत्रिपरिषद के विस्तार की घोषणाएं हो जाएंगी।"
नक्सलवाद को लेकर कहा, "नक्सलवाद आखिरी सांसें गिन रहा है, इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि छत्तीसगढ़ से लेकर देश के अनेक हिस्सों में रेड कॉरिडोर नाम का जो एक शब्द था, आज वह खात्मे की ओर बढ़ चुका है। अब गिनती के कुछ अवशेष बचे हैं। उनका सफाया भी केंद्रीय बल बहुत जल्द करेगा।"
--आईएएनएस
