आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप में ईओयू ने बीडीओ के ठिकानों पर मारा छापा

दरभंगा के बीडीओ पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप, छह ठिकानों पर ईओयू की कार्रवाई
आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप में ईओयू ने बीडीओ के ठिकानों पर मारा छापा

पटना: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ बड़ी छापेमारी की है। बीडीओ पर आरोप है कि उसने अपनी नौकरी के दौरान आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा कर ली है।

ईओयू ने बुधवार को दरभंगा के केवटी ब्लॉक के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान से जुड़े छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

शुरुआती जांच के अनुसार, अधिकारी ने कथित तौर पर अपनी ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति जमा की है।

इस अनुपातहीन संपत्ति का मूल्य लगभग 89.13 लाख रुपये आंका गया है। जांच के बाद ईओयू ने पासवान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया है।

ईओयू द्वारा मंगलवार को मुजफ्फरपुर की विशेष सतर्कता अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद ये छापेमारी शुरू की गई थी।

दरभंगा के बहादुरपुर इलाके में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों, मधुबनी के बाबूबरही ब्लॉक में पैतृक घर और व्यावसायिक परिसरों और दरभंगा जिले के केवटी ब्लॉक में आधिकारिक कार्यालय और आवास पर तलाशी अभियान चलाए गए। ईओयू ने बताया कि जांच जारी है और कई वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

इससे पहले, 15 मई को ईओयू ने जमुई जिले के झाझा ब्लॉक में ग्रामीण कार्य प्रभाग में तैनात एक कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी।

शुरुआती निष्कर्षों से लगभग 2.006 करोड़ रुपये की कथित अनुपातहीन संपत्ति का पता चला, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है। पटना के कंकड़बाग इलाके, जमुई और झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रभाग के कार्यालय में कई संपत्तियों पर तलाशी के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी।

ईओयू की टीमों ने बैंक खाते के विवरण, निवेश रिकॉर्ड, भूमि और संपत्ति के दस्तावेज, आभूषण और अन्य चल-अचल संपत्तियों की जांच की।

अधिकारियों का मानना ​​है कि इन तलाशी अभियानों से अतिरिक्त वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य सामने आ सकते हैं।

इन छापेमारी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के बिहार सरकार के व्यापक अभियान के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

 

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