
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डीजल-पेट्रोल की बचत के लिए की गई अपील का बिहार में असर दिखने लगा है। बिहार में मुख्यमंत्री फ्लीट में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रियों, निगम और बोर्ड के अध्यक्षों से भी वाहनों की संख्या कम करने की अपील की है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीजल-पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है।"
उन्होंने बताया है कि मंत्री गण, निगम बोर्ड के अध्यक्ष गण व सदस्य गण, सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का भी आग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी है। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से 'नो व्हीकल डे' के आयोजन का आग्रह किया गया है।
बता दें कि पीएम मोदी ने हैदराबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से अपील की था कि वे पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल जितना हो सके कम करें और मेट्रो का इस्तेमाल करें। इलेक्ट्रिक बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और कार पूलिंग को बढ़ावा दें।
--आईएएनएस
