साइबर फ्रॉड को लेकर आंध्र प्रदेश सीएम ने की बैठक, एक्शन प्लान बनाने का दिया निर्देश

सीएम नायडू ने साइबर क्राइम रोकने के लिए गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी पर दिया जोर
साइबर फ्रॉड को लेकर आंध्र प्रदेश सीएम ने की बैठक, एक्शन प्लान बनाने का दिया निर्देश

अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को साइबर क्राइम पर नियंत्रण के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने पुलिस और बैंकिंग अधिकारियों को 'गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी' तकनीकों पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि साइबर अपराधों में पीड़ित लोगों के खोए हुए पैसे को समय रहते वापस कराया जा सके।

बुधवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में राज्य में साइबर अपराधों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और नियामक ढांचे को लेकर समीक्षा बैठक की।

बैठक में साइबर अपराधियों द्वारा थर्ड-पार्टी बैंक खातों के इस्तेमाल को रोकने, 'गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी' और आंध्र प्रदेश साइबर पॉलिसी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में साइबर और वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए बैंकों को भी प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक से सलाह लेने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर हो रही निवेश धोखाधड़ी पर भी चिंता जताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग बिना उचित जांच-पड़ताल, आधार वेरिफिकेशन और केवायसी प्रक्रिया पूरी किए बिना शेल कंपनियां बना रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों का विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पुलिस विभाग, बैंकर्स, आंध्र प्रदेश प्रौद्योगिकी सेवाएं और वित्त विभाग को मिलकर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दिशानिर्देश तैयार करने को कहा। साथ ही संदिग्ध 'म्यूल अकाउंट्स' की पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर और वित्तीय अपराधों के मामलों में खाता धारकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यूपीआई के जरिए सेकंडों में लाखों लेनदेन हो रहे हैं, इसलिए 'गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी' पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

सीएम नायडू ने इस क्षेत्र में और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने आंध्र प्रदेश टेक्नोलॉजी सर्विसेज को साइबर अपराध रोकने में अहम भूमिका निभाने और देश-विदेश की तकनीकों का अध्ययन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बैंकों को भी वीकेंड के दौरान होने वाले बड़े वित्तीय लेनदेन पर विशेष नजर रखने को कहा।

सीएम ने आरबीआई के साथ कुछ नियमों में बदलाव को लेकर चर्चा करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने आरबीआई द्वारा विकसित 'म्यूल अकाउंट हंटर एआई' जैसे टूल्स का उपयोग करने की बात कही।

उन्होंने अन्य राज्यों जैसे हरियाणा और महाराष्ट्र की बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।

डीजीपी हरिश कुमार गुप्ता ने बताया कि आंध्र प्रदेश में साइबर और वित्तीय अपराधों को लेकर 1930 हेल्पलाइन पर अब तक 9.29 लाख शिकायतें दर्ज हुई हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को अब तक कुल 652 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि सीआईडी साइबर क्राइम विंग और बैंकों के सहयोग से 116 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को साइबर ठगों तक पहुंचने से रोका गया है।

अधिकारियों ने बताया कि फिशिंग, विशिंग, क्रेडिट-डेबिट कार्ड फ्रॉड, ऑनलाइन लोन स्कैम और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों से ठगी हो रही है।

आईटी सचिव कटामनेनी भास्कर ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर के जरिए राज्य में डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

इस बैठक में वित्त मंत्री, गृह मंत्री, डीजीपी हरिश कुमार गुप्ता, गृह सचिव कुमार विश्वजीत, फॉरेंसिक सलाहकार केपीसी गांधी और आरबीआई सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...