पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय खेल संबंध नहीं, बहुपक्षीय आयोजनों के लिए दरवाजे खुले

नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। खेल मंत्रालय ने बुधवार को दोहराया है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर भारत का प्रतिबंध जारी रहेगा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी खिलाड़ी और टीमें भारत की तरफ से आयोजित बहुपक्षीय आयोजनों में हिस्सा ले सकेंगी।

राष्ट्रीय खेल महासंघों, भारतीय ओलंपिक संघ, भारतीय खेल प्राधिकरण, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में मंत्रालय ने कहा, "जहां तक ​​एक-दूसरे के देश में होने वाले द्विपक्षीय खेल आयोजनों का सवाल है, भारतीय टीमें पाकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेंगी, न ही हम पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति देंगे। अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय आयोजनों के संबंध में चाहे वे भारत में हों या विदेश में, हम अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों की कार्यप्रणाली और अपने खिलाड़ियों के हितों से निर्देशित होते हैं। इस बात को मद्देनजर रखना भी प्रासंगिक है कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए भारत एक विश्वसनीय स्थल के रूप में उभर रहा है।"

उल्लेखनीय है कि भारत साल 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुका है। भारत आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2029 और मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2031 की मेजबानी भी करेगा।

इसके अलावा, भारत 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। देश ने एशियन गेम्स 2038 की मेजबानी में रुचि व्यक्त की है, और इस प्रस्ताव पर पिछले महीने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में चर्चा भी हुई थी।

मंत्रालय ने कहा है कि खिलाड़ियों, तकनीकी कर्मचारियों और अंतरराष्ट्रीय खेल अधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा, ताकि भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन सके।

मंत्रालय ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए भारत को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने हेतु, खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, तकनीकी कर्मियों और अंतरराष्ट्रीय खेल शासी निकायों के पदाधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय खेल शासी निकायों के पदाधिकारियों के संबंध में, उनके आधिकारिक कार्यकाल की अवधि के लिए अधिकतम 5 वर्ष की सीमा के अधीन प्राथमिकता के आधार पर 'मल्टी-एंट्री वीजा' (बहु-प्रवेश वीजा) प्रदान किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार, देश में उनके आने-जाने और देश के भीतर उनकी आवाजाही में आसानी होगी। स्थापित प्रथा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय खेल शासी निकायों के प्रमुखों को भारत यात्रा के दौरान उचित प्रोटोकॉल और शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा।"

--आईएएनएस

आरएसजी

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