Football Retirement : महज 30 की उम्र में रिटायरमेंट लेंगे जर्मन डिफेंडर निकलास सुले, जानिए वजह?

Niklas Süle ने चोटों से परेशान होकर 30 साल में लिया संन्यास का फैसला
महज 30 की उम्र में रिटायरमेंट लेंगे जर्मन डिफेंडर निकलास सुले, जानिए वजह?

म्यूनिख: यूईएफए चैंपियंस लीग के विजेता निकलास सुले ने महज 30 साल की उम्र में अचानक रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है। जर्मन इंटरनेशनल खिलाड़ी इस सीजन के आखिर में बोरुसिया डॉर्टमुंड के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद अपने शानदार करियर को अलविदा कह देगा। चोट के डर ने 5 बार के बुंडेसलीगा चैंपियन को भविष्य के बारे में अपने फैसले पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया था।

 

 

इस डिफेंडर ने प्लेमेकर' पॉडकास्ट पर बताया कि वह कुछ समय से इस विकल्प पर विचार कर रहे थे, लेकिन अप्रैल के मध्य में हॉफेनहाइम के खिलाफ मैच के दौरान जब उनके घुटने में चोट लगी और उन्हें डर सताने लगा कि यह तीसरी बार क्रूसिएट लिगामेंट फटने की चोट हो सकती है, तब उन्होंने आखिरकार यह फैसला ले लिया।

 

निकलास सुले ने पॉडकास्ट में कहा, "जब होफेनहाइम में ड्रेसिंग रूम के अंदर डॉक्टर ने मेरा ड्रॉअर टेस्ट किया, फिर फिजियो की तरफ देखा और सिर हिलाया, और फिजियो ने भी टेस्ट करके कहा कि कोई रेजिस्टेंस महसूस नहीं हो रहा है, तो उस पल मैं पूरी तरह टूट गया था। मैं शॉवर में गया और करीब 10 मिनट तक रोता रहा। उस समय मुझे सच में लगा कि मेरा लिगामेंट फट गया है।"

 

इस खिलाड़ी ने आगे कहा, "अगले दिन जब मेरा एमआरआई हुआ और मुझे यह अच्छी खबर मिली कि यह क्रूशिएट लिगामेंट टियर नहीं है, तभी मेरे लिए सब कुछ पूरी तरह साफ हो गया। मुझे हजार फीसदी यकीन हो गया कि अब यह अध्याय खत्म हो चुका है। मैं इससे बुरा कुछ सोच भी नहीं सकता था कि मैं आगे के समय, आजादी से जीने, छुट्टियां मनाने और अपने बच्चों के साथ समय बिताने का इंतजार कर रहा हूं, और फिर अचानक मुझे अपने तीसरे क्रूशिएट लिगामेंट टियर का सामना करना पड़े।"

 

क्लब फुटबॉल में सुले का करियर बहुत लंबा रहा है, जिन्होंने हॉफेनहाइम, बायर्न म्यूनिख और डॉर्टमुंड के लिए बुंडेसलीगा में कुल 299 मैच खेलते हुए पांच बार ट्रॉफी जीती हैं। वह साल 2020 में बायर्न की 'ट्रेबल' (तीन खिताब जीतने वाली) टीम का भी हिस्सा रहे थे।

 

हालांकि, 17 साल की उम्र में सीनियर डेब्यू करने के बाद से उनके करियर में चोटें लगातार बाधा बनी रहीं। दो बार एसीएल चोट लगना और उसके बाद फिटनेस से जुड़ी समस्याओं ने इस लंबे-चौड़े सेंटर-बैक के करियर को काफी प्रभावित किया।

 

सुले ने अपने करियर में जर्मनी के लिए 49 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेले हैं। वह 2 फीफा वर्ल्ड कप का हिस्सा रहे और 2017 में फीफा कन्फेडरेशन्स कप जीतने वाली जर्मन टीम का भी हिस्सा थे।

 

--आईएएनएस

 

 

 

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