Tennis इटैलियन ओपन: रुबलेव को शिकस्त देकर सेमीफाइनल में पहुंचे सिनर

सिनर ने रुबलेव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, 32वीं मास्टर्स जीत दर्ज की
इटैलियन ओपन: रुबलेव को शिकस्त देकर सेमीफाइनल में पहुंचे सिनर

रोम: वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी जैनिक सिनर ने गुरुवार को आंद्रे रुबलेव के खिलाफ 6-2, 6-4 से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इसी के साथ सिनर अपने पहले इटैलियन ओपन खिताब से बस 2 जीत दूर रह गए हैं।

 

 

पिछले साल के उपविजेता सिनर, राफेल नडाल के साथ उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जो एक ही सीजन के पहले 5 मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचे हैं। नडाल ने यह कारनामा साल 2010 और 2011 में किया था।

 

सिनर इस साल पहले ही इंडियन वेल्स, मियामी, मोंटे-कार्लो और मैड्रिड में खिताब जीत चुके हैं। रोम में एक और खिताब जीतने पर वह नोवाक जोकोविच के साथ उन चुनिंदा पुरुषों की सूची में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने 'करियर गोल्डन मास्टर्स' पूरा किया है।

 

पिछले साल सिनर रोम के फाइनल में कार्लोस अल्काराज से हार गए थे, लेकिन अब 2026 में फिर से खिताब के लिए चुनौती देने के लिए मजबूत फॉर्म में नजर आ रहे हैं। इस इटैलियन खिलाड़ी ने अपनी जीत का सिलसिला 27 मुकाबलों तक बढ़ा दिया है। अब फाइनल में जगह बनाने के लिए उनका अगला मुकाबला पूर्व चैंपियन डेनिल मेदवेदेव या 'लकी लूजर' मार्टिन लैंडालूस में से किसी एक से होगा।

 

रुबलेव ने मुकाबले की शुरुआत जोरदार तरीके से की, लेकिन अहम पलों में सिनर ने मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। हालांकि, दूसरे सेट में 4-1 की बढ़त बनाने के बाद इस इटैलियन खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में पहली बार अपनी सर्विस गंवा दी, लेकिन उन्होंने तुरंत वापसी करते हुए जीत हासिल की और रुबलेव के खिलाफ अपना 'हेड-टू-हेड' रिकॉर्ड सुधारकर 8-3 कर लिया।

 

इसी के साथ ही सिनर ने मास्टर्स 1000 में लगातार 32वीं जीत दर्ज करते हुए साल 2011 में जोकोविच के बनाए गए 31 जीत के रिकॉर्ड को तोड़ा दिया। 24 वर्षीय सिनर लगातार छठा मास्टर्स 1000 खिताब जीतने से बस 2 कदम दूर है, उन्होंने पिछले सीजन में पेरिस का खिताब जीता था और 2026 में अब तक हुए सभी मास्टर्स इवेंट्स भी जीते हैं।

 

सिनर रोम में अपने घर पर एक ऐतिहासिक जीत हासिल करने की भी दौड़ में हैं। एड्रियानो पनाटा यह टूर्नामेंट जीतने वाले आखिरी इतालवी पुरुष खिलाड़ी थे, जिन्होंने साल 1976 में यह ट्रॉफी अपने नाम की थी।

 

--आईएएनएस

 

 

 

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