हमें इस को भूलकर आगे बढ़ना होगा, प्रशंसक अपना समर्थन बनाए रखें: अक्षर पटेल

हमें इस को भूलकर आगे बढ़ना होगा, प्रशंसक अपना समर्थन बनाए रखें: अक्षर पटेल

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के कप्तान अक्षर पटेल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ अपनी टीम के 75 रन पर ऑल आउट होने को 'बदकिस्मती' करार दिया। पटेल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच में 264 रन को डिफेंड न कर पाने को भी इस मैच में हार का एक मनोवैज्ञानिक कारण माना।

अक्षर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मुझे लगता है कि पिछले मैच बड़े टोटल को डिफेंड न कर पाने की वजह से टीम में थोड़ी हिचकिचाहट थी जिसका असर हमारे प्रदर्शन पर पड़ा। कोई भी बल्लेबाज ठीक से जम नहीं पाया। ऐसा नहीं था कि कोई सेट हो गया हो। हमने एक या दो गेंदों में ही विकेट गंवा दिए। हमने 15-16 गेंदों में छह विकेट गंवा दिए। मुझे लगता है कि यह बदकिस्मती थी, आपको इस दिन को भूलकर आगे बढ़ना होगा।"

पटेल ने कहा, "अगर आप पहला ओवर देखें, तो उसमें स्विंग थी। बाद में, जब चमीरा की दूसरी गेंद पर चौका लगा, तो स्विंग खत्म हो गई और खेल का रुख बदल गया। जब आप पहली पारी में 60-70 रन बनाते हैं, तो गेंदबाज थोड़े कम मनोबल के साथ आते हैं और यह बात उनके दिमाग में कहीं न कहीं रहती है। भले ही आप खुद को मोटिवेट करें, लेकिन कहीं न कहीं आपको लगता है कि यह स्कोर बहुत कम है। पहले ओवर में काइल (जेमिसन) को स्विंग मिल रही थी, लेकिन उस एक बाउंड्री के बाद स्थिति बदल गई। मुझे नहीं लगता कि हमारे गेंदबाजों ने कुछ भी गलत किया। जिस तरह से हमने बैटिंग की, उसे मैं बदकिस्मती ही कहूंगा। हम गेंदबाजों पर दोष नहीं डाल सकते।"

साहिल पारेख ने इस मैच में डेब्यू किया, लेकिन बाएं हाथ का यह युवा बल्लेबाज भुवनेश्वर द्वारा फेंकी पारी की दूसरी गेंद पर ही बोल्ड गया। पारेख का बचाव करते हुए उन्हें मौका देने पर अक्षर ने कहा, "इसका कारण टॉप पर लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन रखना था, क्योंकि हमारे दोनों ओपनर दाहिने हाथ के बल्लेबाज थे। हम मन ही मन उस विकल्प का इस्तेमाल करना चाहते थे। साथ ही, जिस तरह से वह अभ्यास कर रहा है, जितनी कड़ी मेहनत वह कर रहा है, और जिस तरह से उसने नेट्स और प्रैक्टिस मैचों में प्रदर्शन किया है, हमें लगा कि वह एक मौका पाने का हकदार है। इसलिए हमने उसे मौका दिया। यह उसका पहला मैच था और वह दूसरी ही गेंद पर जल्दी आउट हो गया। मैं अभी उसके बारे में कोई राय नहीं दे सकता। हमें यकीन है कि उसमें कुछ खास करने की काबिलियत है और वह लंबे समय तक दिल्ली के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।"

पारेख को पाथुम निसांका की जगह मौका दिया गया था।

अक्षर ने कहा, "एक खिलाड़ी के तौर पर आपकी यह जिम्मेदारी होती है कि अगर आप आईपीएल या इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने जा रहे हैं, तो आपकी तैयारी कैसी होनी चाहिए। अगर आप मेरी बात करें, तो मेरी अपनी तैयारी यह है कि, अगर मैं क्रिकेट खेलने जाता हूं – चाहे वह इंटरनेशनल हो, आईपीएल हो या घरेलू – तो मैं अपनी तैयारी जरूर करता हूं, क्योंकि आप खुद ही अपनी खूबियों और कमजोरियों को जानते हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेले हैं—मुझे नहीं लगता कि वे सिर्फ जोरदार शॉट मारने की प्रैक्टिस करते हैं, क्योंकि आईपीएल के बाद भी हमने कैंप लगाए थे—मुझे लगता है कि हमने सूरत, हैदराबाद और दिल्ली में ऐसा किया था। अब, हमारी टीम दुबई में भी है। इसलिए, हम उन खिलाड़ियों को भी वहां ले जाते हैं और उन्हें लगातार क्रिकेट से जुड़े रहने का मौका देते हैं—चाहे वे घरेलू क्रिकेट खेलते हों या न खेलते हों—जब भी उन्हें ब्रेक मिलता है, हम उनके लिए तैयारी का इंतजाम करते हैं। मुझे लगता है कि अनकैप्ड खिलाड़ियों को बेसिक्स पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपके बेसिक्स मज़बूत हैं, तो आप खुद ही रेंज हिटिंग कर सकते हैं।"

अगले मैचों में टीम में बदलाव की संभावना पर अक्षर ने कहा, "अगर आप पिछले आठ मैचों पर नजर डालें, तो यह पहली बार है जब हमने खराब क्रिकेट खेला है या हमारी टीम पूरी तरह से बिखर गई है। मुझे नहीं लगता कि अगर आप टीम में बहुत ज्यादा बदलाव करेंगे, तो आपको अच्छे नतीजे मिलेंगे। एक अच्छी सोच रखना और मानसिक रूप से तैयार रहना बहुत जरूरी है। टीम में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होंगे। लेकिन हां, मानसिक रूप से स्थिर रहना और एक साथ मिलकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। अगर आप टीम में बहुत ज्यादा बदलाव करते हैं, तो आपको अच्छे नतीजे नहीं मिलेंगे।"

अक्षर ने कहा, "आपको पिछली बातों को भूलकर आगे बढ़ना होगा और हर दिन पूरे ध्यान और तैयारी के साथ मैदान पर उतरना होगा। आप यह नहीं सोच सकते कि आप मैदान पर जाएंगे और आपको आसानी से जीत मिल जाएगी। आप यह नहीं सोच सकते कि आप जाएंगे और बस हो जाएगा या अपने आप सब ठीक हो जाएगा। आपको पूरा ध्यान लगाना होगा और एकदम सटीक रहना होगा। मुझे लगता है कि अगले छह मैचों में हमें अपनी तैयारी और प्रक्रिया का ही पालन करना होगा, क्योंकि कभी भी कुछ भी बदल सकता है।"

निराशाजनक प्रदर्शन के बाद फैंस की निराशा पर अक्षर ने कहा, "अगर प्रशंसक निराश हैं, तो खिलाड़ी भी उतने ही निराश हैं। इतनी कड़ी मेहनत के बाद हारना बहुत दुख देता है, क्योंकि हम हारने के लिए नहीं खेलते। मुझे लगता है कि यह वह समय है जब प्रशंसकों को खिलाड़ियों का साथ देना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप सिर्फ तभी साथ दें जब हम जीतें, क्योंकि इस तरह की हार के बाद खिलाड़ी भी थोड़ा उदास महसूस करते हैं। चाहे हम जीतें या हारें, आपका साथ वैसा ही बना रहना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि आप एक टीम का साथ दे रहे हैं। आप ऐसा करना जारी रखें और टीम पर अपना भरोसा और विश्वास बनाए रखें।"

पटेल ने कहा, "एक कप्तान के तौर पर, मुझे अपनी टीम पर भरोसा है और इस भरोसे को बनाए रखना बहुत जरूरी है। मुझ पर बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं - सिर्फ खिलाड़ियों की ही नहीं, बल्कि सपोर्ट स्टाफ और टीम के मालिकों की भी। आपको उनके साथ काम करना होता है और उन्हें प्रेरित करना होता है। इसलिए, मेरा मूल सिद्धांत यह है कि आप क्या कर सकते हैं, और क्या आपके नियंत्रण में है।"

उन्होंने कहा, "मैं खिलाड़ियों को इस तरह प्रेरित करूंगा - आपके पास दो विकल्प हैं - या तो आप किसी पर उंगली उठा सकते हैं, या आप यह सोच सकते हैं कि बल्लेबाज ने कुछ नहीं किया, या गेंदबाज ने कुछ नहीं किया। आप खुद को बहाने दे सकते हैं, या फिर एक टीम के तौर पर, आप टीम के साथ खड़े हो सकते हैं और बाकी बचे छह मैचों में मिलकर संघर्ष कर सकते हैं और हम बिना किसी चिंता के, एक साथ मिलकर नतीजों का सामना करेंगे।"

--आईएएनएस

पीएके

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