Fit India Movement : 'फिटनेस का डोज आधा घंटा रोज', 'संडे ऑन साइकिल' के माध्यम से पीएम के इस संदेश को हम सक्षमता से फैला रहे हैं: सुशांत कंडवाल

फिट इंडिया मूवमेंट के तहत 'संडे ऑन साइकिल' में किसानों की भागीदारी
'फिटनेस का डोज आधा घंटा रोज', 'संडे ऑन साइकिल' के माध्यम से पीएम के इस संदेश को हम सक्षमता से फैला रहे हैं: सुशांत कंडवाल

नई दिल्ली: देशवासियों के बीच फिटनेस के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए हर रविवार को देश में अनेक जगहों पर फिट इंडिया मूवमेंट के तहत संडे ऑन साइकिल का आयोजन किया जाता है। आयोजन में हर बार समाज के अलग-अलग वर्ग को शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग में फिटनेस को लेकर जागरूकता का संदेश देना है। रविवार को नई दिल्ली में 'संडे ऑन साइकिल' का आयोजन किया गया। इसमें फिट इंडिया के निदेशक सुशांत कंडवाल मौजूद थे।

 

मीडिया से बात करते हुए सुशांत कंडवाल ने कहा, "यह हमारा 72वां एडिशन है। प्रत्येक संडे हम संडे ऑन साइकिल का आयोजन करते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि समाज के अलग-अलग वर्ग के लोगों को एक साथ लेकर चलें। इस बार हमने किसान भाइयों को अपने साथ लिया है। ये हमारे अन्नदाता हैं और इनकी सहभागिता बड़ी संख्या में हुई है।"

 

उन्होंने कहा कि हमने इस अभियान को इतना लोकप्रिय और बड़ा बना दिया है कि लोग स्वेच्छा से इससे जुड़ने लगे हैं। लोग रविवार को छुट्टी में आराम करने के बजाय इस अभियान से खुशी-खुशी जुड़ते हैं। यह हमारी उपलब्धि है।

 

कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस सपने के साथ फिट इंडिया अभियान की शुरुआत की थी और 'फिटनेस का डोज आधा घंटा रोज' का नारा दिया था, उसे हम पूरी सक्षमता के साथ पूरा कर पा रहे हैं।

 

संडे ऑन साइकिल में भाग लेने आए भारतीय किसान संघ के किसन कुमार ने कहा, "साइकिलिंग का इस्तेमाल आमतौर पर खेतों और गांवों में किया जाता है। यह एक अच्छी सरकारी पहल है जो स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देती है।"

 

'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना, देश में बढ़ रही मोटापे की समस्या से लड़ना साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। साइकिल का प्रयोग कहीं न कहीं पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।

--आईएएनएस

 

 

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