भारत की मौजूदा टीम व्हाइट बॉल क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ टीम: रिकी पोंटिंग

नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने भारत की मौजूदा टीम को अब तक की सबसे बेहतरीन व्हाइट बॉल टीम बताया है। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार दूसरी बार जीता। भारतीय टीम लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी।

पोंटिंग ने कहा कि टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे आईसीसी इवेंट्स में भारत की जीत का सिलसिला जारी रहा, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ आकर टूटा। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि टीम में कितनी जबरदस्त निरंतरता है, जिसकी बराबरी आज के दौर में कोई दूसरी टीम नहीं कर पाई है।

पोंटिंग ने 'आईसीसी रिव्यू शो' पर कहा, "इस बात के खिलाफ तर्क देना सच में बहुत मुश्किल है। अगर आप देखें, तो सिर्फ टी20 इंटरनेशनल टीम ही नहीं, बल्कि पिछले पांच-छह वर्षों में आईसीसी इवेंट्स में भारतीय टीम का व्हाइट-बॉल रिकॉर्ड भी काफी शानदार रहा है। इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही शायद बहुत से लोगों ने यह पहचान लिया था कि मौजूदा भारतीय टीम में कितनी गहराई और ताकत है। इसके साथ ही उनके पास कितना अनुभव है। यह सिर्फ टी20 नहीं, बल्कि एक बहुत ही मजबूत भारतीय व्हाइट बॉल टीम है। लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने के लिए उन्हें मेरा सलाम।"

पोंटिंग के अनुसार, मौजूदा भारतीय टीम के पास काफी अनुभव है। "इस मौजूदा टीम के बारे में एक बात जिस पर शायद कम ही लोगों का ध्यान जाता है, वह यह है कि टीम के कई खिलाड़ियों के पास कितना ज्यादा अनुभव है और उन्होंने कितना ज्यादा क्रिकेट खेला है—चाहे वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हो या फिर सिर्फ आईपीएल। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच वैसे भी इंटरनेशनल मुकाबलों जितने ही बड़े होते हैं, इसलिए यह भारतीय टीम बेहतरीन संतुलन और एक शानदार स्क्वॉड के साथ पूरी तरह से तैयार होकर आई थी।"

पोंटिंग ने कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार एकदम सही समय पर आई। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के अनुसार, इस हार ने भारत के हौसले को और भी मजबूत करने का काम किया। "जब आप लगातार 12 मैच जीतते हैं, तो कोई न कोई दिन ऐसा जरूर आता है जब आप अच्छा नहीं खेल पाते। मुझे खुशी है कि ऐसा जल्दी हो गया। शायद भारत को इसी तरह के झटके की जरूरत थी। इससे उन्हें फिर से एकजुट होने, एक साथ बैठने और उन बातों पर चर्चा करने का मौका मिला जो एक टीम के तौर पर उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं। उन्होंने अपनी सबसे मजबूत प्लेइंग इलेवन को पक्का कर लिया था और टूर्नामेंट के आखिरी दौर में टीम में ज्यादा बदलाव नहीं किए।"

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी

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