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लंदन, 3 मई (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस फेडरेशन (आईटीटीएफ) ने एथलीटों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक जांच शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम तब उठाया गया जब वर्ल्ड टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप फाइनल्स के दौरान एक महिला खिलाड़ी ने एंट्री सिक्योरिटी चेक के समय 'अनुचित शारीरिक संपर्क' की शिकायत की।
आईटीटीएफ, वर्ल्ड टेबल टेनिस और स्थानीय आयोजन समिति ने संयुक्त बयान में कहा कि वे इस आरोप से गंभीर रूप से चिंतित हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि हर एथलीट को हर परिस्थिति में सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने का पूरा अधिकार है, और किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।
बयान में कहा गया, "हर एथलीट को हर समय और हर जगह सुरक्षित, सम्मानित और सुरक्षित महसूस करने का हक है। जो बताया गया है वह पूरी तरह से मंजूर नहीं है। हम बिल्कुल साफ कहना चाहते हैं। हमारे एथलीट की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। आईटीटीएफ, डब्ल्यूटीटी और स्थानीय आयोजन समिति एथलीट की टीम के सीधे संपर्क में हैं और यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उसे वह पूरी मदद और समर्थन मिले जिसकी उसे जरूरत है।"
संस्था ने कहा कि मामले की विस्तृत फैक्ट-फाइंडिंग और सेफगार्डिंग जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, संबंधित खिलाड़ी की टीम के साथ सीधा संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि उसे आवश्यक सहायता और समर्थन प्रदान किया जा सके।
यह विवाद तब सामने आया जब चीनी ताइपे महिला टीम की कोच झेंग जियाकी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी खिलाड़ी के साथ सुरक्षा जांच के दौरान अनुचित व्यवहार हुआ। उनके अनुसार, सुरक्षा कर्मी ने खिलाड़ी के साथ ऐसा शारीरिक संपर्क किया जिसे यौन उत्पीड़न की श्रेणी में माना जा सकता है, और साथ ही खिलाड़ी के रास्ते में बाधा भी डाली गई।
लंदन में चल रही यह प्रतियोगिता 10 मई तक आयोजित की जा रही है और अब यह मामला टूर्नामेंट के माहौल पर भी असर डालता दिखाई दे रहा है। हालांकि, आयोजकों ने भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
--आईएएनएस
पीएके