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बेंगलुरु, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खेले जा रहे मुकाबले से पहले, रविवार को महान भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में उनके नाम पर स्टेडियम के छोर समर्पित करके सम्मानित किया गया।
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने एक समारोह में औपचारिक रूप से 'राहुल द्रविड़ एंड' और 'अनिल कुंबले एंड' का अनावरण किया, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। पुराने 'बीईएमएल एंड' का नाम बदलकर द्रविड़ के नाम पर रखा गया, जबकि 'पवेलियन एंड' का नाम अब कुंबले के नाम पर है।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ टीममेट रह चुके केएससीए के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस मौके पर उपाध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
संघ ने इस साल फरवरी में घोषणा की थी कि 24,177 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले राहुल द्रविड़ और सभी फॉर्मेट में 956 विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज अनिल कुंबले को सम्मानित किया जाएगा। उनके नाम पर स्टेडियम के स्टैंड या एंड का नाम रखा जाएगा।
द्रविड़ और कुंबले दोनों ही एक दुर्लभ क्लब के सदस्य हैं, जिन्होंने भारत की कप्तानी के बाद में राष्ट्रीय टीम के कोच की भूमिका भी निभाई। इस समारोह में द्रविड़ की मां पुष्पा और भाई विजय शामिल हुए, जबकि कुंबले की पत्नी चेतना, बेटे मयास और बेटियों आरुणि व स्वस्ति भी मौजूद थीं।
इस सम्मान पर द्रविड़ ने कहा था, "यह मेरे लिए दूसरा घर रहा है, जैसा कि अनिल ने कहा, यह एक ऐसी जगह है जहां हमने शायद अपने घरों से भी ज्यादा समय बिताया है। इस जगह ने बहुत खुशी दी, कभी-कभी बहुत निराश भी किया, लेकिन यह एक ऐसी जगह है, जिसने सचमुच मुझे वह सब कुछ दिया है जो मैं आज हूं। केएससीए, इस महान मैदान और इस प्रतिष्ठित मैदान ने मेरे जीवन में मुझे जो कुछ भी दिया है, उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।"
वहीं, इस सम्मान पर कुंबले ने कहा था, "मुझे नहीं लगता कि यह कहना गलत होगा कि हम सभी के योगदान ने कर्नाटक क्रिकेट को वह बनाया है, जो आज वह है, और कर्नाटक क्रिकेट ने ही हम सभी को बनाया है। यह इस बात से ज्यादा मायने नहीं रखता कि किस स्टैंड पर किसका नाम है। सबसे खास बात यह है कि सभी के योगदान को सम्मान मिला है और अब वह हमेशा के लिए स्टेडियम में दर्ज हो गया है।"
--आईएएनएस
आरएसजी