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मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकारी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें जमा राशि में अंतर की बात कही गई थी। साथ ही कहा कि ये दावे एक अपुष्ट पत्र पर आधारित हैं और इनमें तथ्यात्मक गलतियां हैं।
स्पष्टीकरण देते हुए बैंक ने कहा कि उसके वित्तीय विवरण कठोर लेखापरीक्षा प्रक्रियाओं से गुजरते हैं और उन्हें बिना किसी संशोधन के लेखापरीक्षा राय प्राप्त हुई है, जो नियामक और लेखा मानकों के अनुरूप सही और निष्पक्ष स्थिति की पुष्टि करती है।
बैंक ने कहा कि वह अपने निवेशक प्रस्तुतीकरण में तय किए गए लक्षित पहलों के माध्यम से जमा वृद्धि, विशेष रूप से सीएएसए (चालू खाता बचत खाता) जमा में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखे हुए है। इन प्रयासों से उसके जमा आधार में लगातार वृद्धि हुई है।
बैंक के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 28 अप्रैल, 2026 तक की अवधि के लिए औसत कुल जमा और सीएएसए स्तर (अलेखापरीक्षित) वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में दर्ज किए गए औसत से अधिक थे।
बैंक के एमआईएस आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में कुल जमा राशि 12.39 लाख करोड़ रुपए थी, जो दिसंबर तक घटकर 12.22 लाख करोड़ रुपए हो गई, फिर मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर 13.06 लाख करोड़ रुपए और 28 अप्रैल तक 12.61 लाख करोड़ रुपए हो गई।
बैंक ने बताया कि सीएएसए जमा में भी इसी तरह की वृद्धि देखी गई, जो मार्च में 4.60 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने के बाद घटकर 4.31 लाख करोड़ रुपए हो गई।
बैंक ने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तुरंत बाद जमा स्तरों में उतार-चढ़ाव बैंकिंग उद्योग में सामान्य बात है।
बैंक ने आगे कहा कि मीडिया रिपोर्ट का उसकी वित्तीय स्थिति या संचालन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है, और यह खुलासा सेबी के एलओडीआर नियमों के तहत किया गया है।
बीएसई पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयर दोपहर एक बजे पिछले बंद भाव से 1.47 प्रतिशत गिरकर 164 रुपए पर कारोबार कर रहे थे। सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक के शेयर ने बीएसई पर 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 205.45 रुपए और न्यूनतम स्तर 112.70 रुपए है।
--आईएएनएस
एबीएस/