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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में टेक सेक्टर में छंटनी तेजी से बढ़ रही है। पहली तिमाही में ही दुनिया भर में 80,000 से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं और इस साल यह आंकड़ा 3 लाख के पार जा सकता है, जिसमें ओरेकल, अमेजन और मेटा जैसी बड़ी कंपनियां अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
ट्रेडिंगप्लेटफॉर्म्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह छंटनी कोविड के बाद आई तेजी के बाद कंपनियों द्वारा अपने हायरिंग प्लान को संतुलित करने का हिस्सा है। 2021 से अब तक दुनिया भर में 10 लाख से ज्यादा टेक नौकरियां खत्म हो चुकी हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ऑटोमेशन इस बदलाव के मुख्य कारण बनकर उभरे हैं। 2026 में लगभग आधी छंटनी एआई से जुड़े बदलावों के कारण हुई है।
अमेरिका इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां इस साल अब तक कुल छंटनी का लगभग 77 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है। यहां 62 कंपनियों में 61,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म हुई हैं।
कंपनियों की बात करें तो ओरेकल ने सबसे ज्यादा 25,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है, जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाने के तहत की गई है। इसके बाद अमेजन ने करीब 16,000 कर्मचारियों को निकाला, जबकि मेटा ने लगभग 2,400 कर्मचारियों की छंटनी की।
इसके अलावा, अमेरिका के बाहर छंटनी अलग-अलग देशों में बंटी हुई है। ऑस्ट्रेलिया में करीब 4,450 नौकरियां गईं, जबकि यूरोप के ऑस्ट्रिया, स्वीडन और नीदरलैंड जैसे देशों में सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और आईटी सेवाओं में कटौती देखी गई।
वहीं, एशिया में भारत में 2,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी गई है। इसके अलावा इजरायल और सिंगापुर में भी एआई स्टार्टअप, ई-कॉमर्स और साइबर सिक्योरिटी कंपनियों में छंटनी हुई है।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो क्लाउड, कंप्यूटिंग और सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) कंपनियों में सबसे ज्यादा करीब 28,000 नौकरियां गईं, जबकि ई-कॉमर्स सेक्टर में लगभग 19,000 लोगों को नौकरी से निकाला गया।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां अब अपने खर्च को कम करने और एआई में निवेश बढ़ाने के लिए संगठनात्मक बदलाव कर रही हैं, भले ही उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत क्यों न हो।
हालांकि, रिपोर्ट यह भी कहती है कि ज्यादातर छंटनी सीधे तौर पर एआई द्वारा नौकरियां खत्म होने के कारण नहीं, बल्कि कंपनियों द्वारा भविष्य के निवेश के लिए लागत कम करने के कदम के रूप में की जा रही है।
--आईएएनएस
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