देश में कार्यबल का औपचारिकरण बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार आवश्यक : एसबीआई रिपोर्ट

नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। देश के सभी राज्यों में अनौपचारिक रोजगार का प्रभुत्व बना हुआ है और अब तक कार्यबल के औपचारिकरण को बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने पर फोकस किया जाना चाहिए। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में दी गई।

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया कि पुरुष श्रमिकों की तुलना में महिला श्रमिकों के अनौपचारिक श्रमिक होने की संभावना 4.8 प्रतिशत अधिक है, जबकि कृषि क्षेत्र की तुलना में निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के अनौपचारिक रोजगार में जुड़े होने की संभावना 4.5 प्रतिशत अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया, “महिलाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सरकारी प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे परिणामों से पता चलता है कि सरकारी अनुदान से स्वरोजगार की संभावना में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि होती है।”

पंजाब में अनौपचारिक श्रमिकों का हिस्सा सबसे अधिक 82 प्रतिशत है, इसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में 81 प्रतिशत है।

राजस्थान, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी अनौपचारिक रोजगार का स्तर उच्च है, जहां लगभग 74 प्रतिशत श्रमिक अनौपचारिक नौकरियों में लगे हुए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, "उत्तरी और मध्य राज्यों में अनौपचारिकता का उच्च स्तर कृषि, दिहाड़ी मजदूरी और कम उत्पादकता वाले रोजगार गतिविधियों के प्रभुत्व से जुड़ा हो सकता है।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे अपेक्षाकृत विविध औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की गतिविधियों वाले राज्यों में अनौपचारिक रोजगार का स्तर अपेक्षाकृत कम है।

अनौपचारिक श्रमिक मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जिनमें से लगभग 59 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में अनौपचारिक कार्यबल का लगभग 41 प्रतिशत हिस्सा है।

अनौपचारिक श्रमिकों की उद्योग संरचना से पता चलता है कि कृषि अनौपचारिक रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत है, जो अनौपचारिक कार्यबल का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा है, इसके बाद व्यापार और होटल (17 प्रतिशत) और अन्य सेवा गतिविधियां (14 प्रतिशत) आती हैं।

भारत का श्रम बल संरचनात्मक परिवर्तन से गुजर रहा है, जिसमें कार्यबल में कृषि की हिस्सेदारी 37 वर्षों की अवधि में 1987-88 में 66 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 43 प्रतिशत हो गई है, जो कि 23 प्रतिशत की गिरावट है।

सरकार द्वारा विनिर्माण क्षेत्र को नए सिरे से बढ़ावा देने के कारण, बड़े उद्यम (20 से अधिक कर्मचारी) अब कुल कार्यबल के 13.7 प्रतिशत को रोजगार प्रदान करते हैं, जो 2024 में 10.8 प्रतिशत से काफी अधिक है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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