देश में 7.72 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड सक्रिय, बकाया लोन 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक

नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। देश में 7.72 करोड़ से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सक्रिय हैं और इनमें बकाया लोन 10.2 लाख करोड़ रुपए के करीब है। यह जानकारी बुधवार को आधिकारिक फैक्टशीट में दी गई।

सरकारी बयान में कहा गया कि केसीसी प्लेटफॉर्म से 457 बैंक जुड़े हुए हैं और इस पर 1,998.7 लाख से ज्यादा क्रेडिट एप्लीकेशन प्रोसेस की गई हैं, जिसमें से 631.5 लाख कमर्शियल बैंकों, 337.2 लाख रीजनल बैंकों और 1,030 लाख एप्लीकेशन कॉरपोरेटिव बैंकों द्वारा प्रोसेस की गई हैं।

ये आंकड़े केसीसी के कार्यान्वयन में व्यापक संस्थागत भागीदारी को दर्शाते हैं और कृषि ऋण प्रदान करने में सहकारी बैंकों की केंद्रीय भूमिका को उजागर करते हैं।

हालिया सुधारों, जिनमें ऋण सीमा में वृद्धि, संबद्ध क्षेत्रों तक विस्तारित कवरेज और किसान ऋण पोर्टल के माध्यम से डिजिटल एकीकरण शामिल हैं, ने केसीसी की पहुंच और पारदर्शिता में मजबूत सुधार किया है।

आंकड़ों पर आधारित निगरानी को सक्षम बनाकर, ऋण प्रक्रिया को तेज करके और पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित करके, इन उपायों ने कृषि ऋण वितरण की परिचालन दक्षता को मजबूत किया है।

सरकार ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत फसल ऋण सीमा को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है और मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण सीमा को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत, सीमांत और गैर-सीमांत किसानों के लिए उनकी भूमि जोत के आकार, निवेश क्षमता और आजीविका आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सावधि ऋण और समग्र ऋण सीमाएं अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।

भूमि जोत के आकार और फसल पैटर्न जैसे कारकों के आधार पर 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक की लचीली सीमा स्वीकृत की जा सकती है। समग्र केसीसी सीमा पांच साल की अवधि के लिए निर्धारित की जाएगी।

किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और उनकी पहुंच में सुधार लाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कई सुगम उपाय लागू किए गए हैं।

--आईएएनएस

एबीएस/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...