दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ईवी नीति के मसौदे का किया स्वागत

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के मसौदे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तीन से सात साल के अंदर यह नीति सड़कों पर वाहनों से होने वाले प्रदूषण को न के बराबर कर देगी।

सचदेवा ने कहा कि प्रस्तावित नीति के तहत न केवल निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों को पंजीकरण शुल्क और सड़क कर में छूट मिलेगी, जिससे लोग निजी इस्तेमाल के लिए ईवी खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे, बल्कि दिल्ली सरकार जीवाश्म ईंधन से ई-मोबिलिटी (बिजली से चलने वाले वाहनों) की ओर वाणिज्यिक वाहनों के बदलाव को भी बढ़ावा देगी।

उन्होंने इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों के लिए सड़क कर और पंजीकरण शुल्क में भारी छूट देने के प्रस्ताव के लिए रेखा गुप्ता सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऑटो-रिक्शा दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और एक जनवरी 2027 से केवल ई-ऑटो को ही पूरी छूट के साथ पंजीकृत करने की अनुमति देने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इसी तरह तीन और चार-पहिया वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से सड़क प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस नई ईवी नीति की सबसे खास बात यह है कि दिल्ली सरकार अब अपने खुद के कामकाज के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का ही इस्तेमाल करेगी।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन बसें और एन1 श्रेणी के ट्रक भी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगे, जिससे दो साल के भीतर सड़कों पर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में 10 प्रतिशत से अधिक की कमी आएगी।

एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, दिल्ली सरकार ने शनिवार को अपनी मसौदा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2026 को सार्वजनिक डोमेन में रखा, ताकि वित्तीय प्रोत्साहन से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तक के प्रस्तावों पर लोगों की राय (फीडबैक) ली जा सके।

यह नीति 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों और 2028 से दोपहिया वाहनों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाती है, और ईवी को लोकप्रिय बनाने के लिए व्यापक वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट, अनिवार्य प्रावधानों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रस्ताव करती है।

--आईएएनएस

एसडी/डीकेपी

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