पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं: ब्लू स्टार के सीएमडी

मुंबई, 5 मई (आईएएनएस)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष और ब्लू स्टार लिमिटेड के सीएमडी वीर एस आडवाणी ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और बदलाव का समय आ गया है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए आडवाणी ने कहा कि पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक रूप से इस राज्य में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम भागीदारी रही है।

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि पश्चिम बंगाल में काफी अवसर हैं। राज्य में उद्योगों की ओर से निवेश बहुत कम हुआ है। रियल एस्टेट में कुछ निवेश जरूर हुआ है, लेकिन उद्योग क्षेत्र में कम निवेश देखने को मिला है।"

सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र के व्यापक एजेंडे पर बात करते हुए आडवाणी ने कहा कि उनका फोकस उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर रहेगा, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) पर, जो इसके लगभग 2,500 सदस्यों में से करीब 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मकता अब सिर्फ लागत कम रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गुणवत्ता सुधार, डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और टिकाऊ (सस्टेनेबल) तरीकों को अपनाना भी शामिल है।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "हम गुणवत्ता और डिजिटलाइजेशन पर ध्यान देंगे। हम सस्टेनेबिलिटी पर फोकस करेंगे। हमें इन सभी क्षेत्रों में निवेश करना होगा, ताकि हमारी क्षमताएं बढ़ सकें।"

उन्होंने आगे कहा कि सप्लाई चेन के हर स्तर पर क्षमताओं को मजबूत करना भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जरूरी होगा।

इसके साथ ही सीआईआई महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे प्रमुख पश्चिमी राज्यों में नीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी पहल को और तेज करेगा, ताकि कारोबार करना आसान हो और कंपनियों की परिचालन लागत कम हो सके।

आडवाणी ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि एयर कंडीशनिंग इंडस्ट्री में कम समय में लागत 8-10 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

उन्होंने इसे पिछले एक दशक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक बताया, जिसकी तुलना केवल वैश्विक वित्तीय संकट के बाद की स्थिति से की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि कंपनियां लागत के दबाव को कम करने के लिए इंजीनियरिंग बदलाव, डिजाइन में सुधार और नए सिरे से समझौते करने पर काम कर रही हैं, लेकिन लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचना तय है।

आडवाणी ने कहा, "इस लागत बढ़ोतरी में काफी समय लगेगा। देखते हैं क्या होता है। पूरी इंडस्ट्री डिजाइन को बेहतर बनाने और लागत कम करने के लिए काम कर रही है।"

--आईएएनएस

डीबीपी

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