पाई डेटा सेंटर्स की बड़ी घोषणा, मुंबई में लॉन्च करेगी 3 मेगावाट का नया डेटा सेंटर, अगस्त 2026 से शुरू होगा ऑपरेशन

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। पाई डेटा सेंटर्स ने सोमवार को घोषणा की कि वह सेंट्रल मुंबई में 3 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर की शुरुआत करने जा रही है, जिसका पहला फेज अगस्त 2026 से चालू होगा।

प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म जेएलएल ने कहा कि उसने पाई के मुंबई प्रोजेक्ट के लिए लीज डील में विशेष सलाहकार की भूमिका निभाई है। इसके साथ ही जेएलएल कंपनी के 23 मेगावाट के विस्तार प्रोजेक्ट पर भी सलाह दे रही है, जिसमें हाइपरस्केल, कोलोकेशन और क्लाउड डेटा सेंटर क्षमता शामिल होगी।

कंपनी के अनुसार, मुंबई का यह नया डेटा सेंटर आंध्र प्रदेश के अमरावती में पहले से मौजूद 60 मेगावाट की हाइपरस्केल क्षमता को सपोर्ट करेगा। इसके अलावा हैदराबाद में अक्टूबर 2026 में 3 मेगावाट का एक और डेटा सेंटर शुरू करने की योजना है।

पाई डेटा सेंटर्स के फाउंडर, चेयरमैन और सीईओ कल्याण मुप्पानेनी ने कहा कि मुंबई का यह नया सेंटर भारत में तेजी से बढ़ती एंटरप्राइज जरूरतों, एआई-आधारित बदलाव, क्लाउड अपनाने और डेटा लोकलाइजेशन की मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

कंपनी ने बताया कि यह सुविधा खास तौर पर अगली पीढ़ी की डिजिटल जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है ताकि एंटरप्राइज, हाइपरस्केल और एआई-आधारित बिजनेस को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

जेएलएल के एपीएसी क्षेत्र के डेटा सेंटर लीजिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर रचित मोहन ने कहा कि एआई वर्कलोड, डिजिटलाइजेशन और क्लाउड सेवाओं की वजह से इस सेक्टर में तेजी बनी रहेगी। मुंबई, अमरावती और हैदराबाद में मौजूदगी से कंपनी कम लेटेंसी और बड़े स्तर की क्षमता का फायदा उठा सकेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का डेटा सेंटर उद्योग 2020 से अब तक 24 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ा है और पिछले पांच साल में इसकी मांग लगभग दोगुनी हो गई है।

हाइपरस्केल कंपनियों, बैंकिंग (बीएफएसआई), ई-कॉमर्स, मीडिया और टेक्नोलॉजी सेक्टर की मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया है। भारत अब लागत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी होने, पर्याप्त ऊर्जा उपलब्धता और स्थिर नीतियों के चलते वैश्विक डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है।

जेएलएल का अनुमान है कि 2026 से 2030 के बीच भारत में 100 गीगावाट नए डेटा सेंटर जोड़े जाएंगे, जिससे वैश्विक क्षमता दोगुनी हो सकती है।

वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर सेक्टर 2030 तक 14 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है। इस दौरान ऊर्जा से जुड़ी नई तकनीकों की जरूरत होगी ताकि बिजली ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके। वहीं, हाइपरस्केल कंपनियां इस सेक्टर की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाती रहेंगी।

--आईएएनएस

डीबीपी

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