पीएलआई का फायदा, एप्पल आईफोन का निर्यात वित्त वर्ष 26 में 2 लाख करोड़ रुपए पहुंचा

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत का आईफोन निर्यात वित्त वर्ष 26 में बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह अब देश का सबसे बड़ा ब्रांडेड निर्यात बन गया है, जो कि डायमंड, ऑटोमोटिव फ्यूल और दवाइयों से भी अधिक है।

देश में स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने की वजह केंद्र द्वारा लाई गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम है, जिससे देश में बीते कुछ वर्षों में उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिली है।

वेंडर्स की ओर से प्रशासन को दिए गए डेटा के मुताबिक, एप्पल हार्मोनाइज्ड सिस्टम (एचएस) वर्गीकरण के तहत सभी श्रेणियों में सबसे बड़ा ब्रांडेड निर्यातक है। एचएस विश्व स्तर पर कारोबार किए जाने वाले 5,000 से अधिक उत्पादों का समूह है।

वित्त वर्ष 26 में भारत से कुल 2.6 लाख करोड़ रुपए (29.4 अरब डॉलर) के स्मार्टफोन का निर्यात हुआ है, जिसमें आईफोन की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत यानी 22 अरब डॉलर से अधिक की है।

इसके बाद 14.53 अरब डॉलर के साथ ऑटोमोटिव डीजल फ्यूल सबसे बड़ा निर्यात है। वहीं, डायमंड 11.23 अरब डॉलर के साथ तीसरे, दवाइयां और मोटर गैसोलीन क्रमश: 9.98 अरब डॉलर और 8.5 अरब डॉलर के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर है।

पीएलआई योजना के लागू होने के बाद से आईफोन के निर्यात में तीव्र वृद्धि हुई है, जो पांच वर्षों के भीतर यह शून्य स्तर से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2022 में निर्यात का मूल्य 9,351.6 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 44,269.5 करोड़ रुपए हो गया, और फिर वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 85,013.5 करोड़ रुपए हो गया।

इसके बाद वित्त वर्ष 2025 में निर्यात बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपए हो गया, और भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार बाधाओं के बावजूद वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-फरवरी) में इसमें 33 प्रतिशत की और वृद्धि हुई।

इसके अलावा, एप्पल ने घोषणा की है कि जॉन टर्नस 1 सितंबर, 2026 से टिम कुक के स्थान पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद संभालेंगे।

कुक ने इससे पहले नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसी खबरों को "अफवाह" बताया था और कंपनी का नेतृत्व करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

--आईएएनएस

एबीएस/

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