महाराष्ट्र सरकार ने एआई नीति को दी मंजूरी, 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य

मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में एआई नीति को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य राज्य को डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सबसे आगे ले जाना है।

महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार को राज्य की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नीति को मंजूरी दे दी। इसे तकनीक के भविष्य की दिशा में राज्य का बड़ा कदम माना जा रहा है।

मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और एआई आधारित बदलाव उद्योगों और अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल रहे हैं। ऐसे समय में महाराष्ट्र नई तकनीक को अपनाकर और एआई की ताकत का उपयोग करके देश में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि यह एआई नीति महाराष्ट्र को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में सबसे आगे ले जाएगी और रोजगार, उद्योग व नवाचार के नए अवसर पैदा करेगी।

सरकार के अनुसार, इस नीति का मुख्य लक्ष्य बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है। इसके तहत करीब 1.5 लाख एआई आधारित नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही लगभग 2 लाख युवाओं को एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि भविष्य के लिए कुशल कार्यबल तैयार किया जा सके।

उद्योग और कारोबार में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 50 एआई टूल और उपयोग मॉडल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एआई के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए ‘एप्लाइड एआई एक्सेलरेटर’ पहल शुरू की जाएगी। इसके लिए मजबूत कंप्यूटिंग ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसमें राज्य में 2,000 जीपीयू उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार ने कहा कि 5,000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को एआई अपनाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि उनकी उत्पादकता और मुनाफा बढ़ सके।

मंत्री शेलार ने कहा कि एआई आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और यूनिकॉर्न कंपनियां तैयार करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा, जिसमें 250 करोड़ रुपए राज्य सरकार देगी। साथ ही एआई आधारित उद्योगों के लिए मशीनरी खरीद पर सब्सिडी भी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, नवाचार और उद्योग में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई तरह की रियायतें देगी। इनमें बिजली दरों में छूट, बिजली सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में राहत शामिल है।

सरकार नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद के लिए एआई आधारित डिजिटल सिस्टम भी विकसित करेगी। साथ ही राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए विशेष निवेश क्षेत्र तैयार किए जाएंगे।

सरकार मराठी और अन्य स्थानीय भाषाओं में डेटा सिस्टम विकसित करने के लिए भी आर्थिक सहायता देगी।

मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बनेगा, जो एआई के नैतिक इस्तेमाल (एथिकल एआई) के लिए अलग ढांचा तैयार करेगा। साथ ही स्वदेशी एआई रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए भी आर्थिक मदद दी जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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