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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। कंपनियों को अपनी पॉलिसी को इंश्योरेंस की पहुंच ज्यादा आबादी तक बढ़ाने को केंद्र में रखकर डिजाइन करना चाहिए। यह बयान वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू की ओर से दिया गया।
उन्होंने जनसंख्या के बड़े वर्ग तक बीमा कवरेज का विस्तार करने की आवश्यकता को जरूरी बताते हुए कंपनियों को सलाह दी कि उन्हें बड़ी पॉलिसियों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने के बजाय अधिक से अधिक व्यक्तियों को बीमा के दायरे में शामिल करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
नागराजू यह सलाह तीन सार्वजनिक क्षेत्र की इंश्योरेंस/रीइंश्योरेंस कंपनियों - लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल) - के विजन रणनीति दस्तावेजों की व्यापक समीक्षा करने के लिए एक बैठक बुलाई में दी।
वित्त मंत्रालय के एक दस्तावेज के अनुसार, कंपनियों को हानि अनुपात कम करने के लिए निवेश और बीमा रणनीतियां तैयार करने की सलाह दी गई।
जिन प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया, उनमें नए उत्पादों का विकास, निर्धारित साइबर सुरक्षा ढांचों का पालन करते हुए डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं का संवर्धन, ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से बीमा सेवाओं का विस्तार, जनता की शिकायतों का समय पर समाधान वितरण नेटवर्क का विस्तार करना और सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से संचार और प्रचार को बढ़ाना शामिल हैं।
बैठक के दौरान मध्यम अवधि (तीन वर्ष) और लंबी अवधि (पांच वर्ष) के दृष्टिकोण रणनीति दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
डीएफएस सचिव ने परिचालन दक्षता बढ़ाने और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के उद्देश्य से रणनीतिक दिशा-निर्देश प्रस्तुत किए, साथ ही सतत विकास को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।
बयान में कहा गया है कि समग्र सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए मानव संसाधन और सूचना प्रौद्योगिकी रणनीतियों को और विकसित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इस बीच, केंद्र सरकार ने स्वचालित मार्ग के तहत बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अधिसूचित कर दिया है, जिससे विदेशी निवेशकों की अधिक भागीदारी का मार्ग खुल गया है।
बीमा कंपनियों में विदेशी निवेश बीमा अधिनियम, 1938 के प्रावधानों के अनुपालन और बीमा एवं संबंधित गतिविधियों के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) से अनिवार्य अनुमोदन प्राप्त करने के अधीन होगा।
--आईएएनएस
एबीएस