क्लाउडफ्लेयर ने एआई के चलते 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी का किया ऐलान

नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी कनेक्टिविटी क्लाउड कंपनी क्लाउडफ्लेयर ने वैश्विक स्तर पर 1,100 से ज्यादा नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की है। कंपनी अपने संचालन ढांचे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के अनुरूप बदल रही है। कंपनी द्वारा कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक मेमो में यह जानकारी सामने आई है।

कंपनी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में एआई का आंतरिक उपयोग 600 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया है, जिसमें इंजीनियरिंग, वित्त, मानव संसाधन और मार्केटिंग समेत कई विभागों के कर्मचारी अब रोजमर्रा के कामों के लिए एआई एजेंट्स का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।

क्लाउडफ्लेयर ने कहा कि यह कदम केवल लागत घटाने या खराब प्रदर्शन के आधार पर की जा रही छंटनी नहीं है, बल्कि 'एजेंटिक एआई युग' के अनुरूप पूरे संगठन में बड़े बदलाव का हिस्सा है।

कंपनी ने मेमो में कहा, "यह फैसला नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की प्रतिभा या काम का प्रतिबिंब नहीं है। हम कंपनी की हर आंतरिक प्रक्रिया, टीम और भूमिका को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं।"

कंपनी ने आगे कहा कि सभी कर्मचारियों को सीधे जानकारी दी जाएगी कि इस पुनर्गठन का उन पर क्या असर पड़ेगा। प्रभावित कर्मचारियों को आधिकारिक और व्यक्तिगत दोनों ईमेल पते पर नोटिस भेजी जाएगी।

क्लाउडफ्लेयर ने बताया कि नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को 2026 के अंत तक पूरा मूल वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा अमेरिका में वर्ष के अंत तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जारी रहेगा और 15 अगस्त तक अतिरिक्त इक्विटी वेस्टिंग लाभ भी दिए जाएंगे।

कंपनी ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक अपनी एक साल की वेस्टिंग अवधि पूरी नहीं की है, उन्हें भी अलगाव पैकेज के तहत अनुपातिक इक्विटी वेस्टिंग दी जाएगी।

मेमो के अनुसार, कंपनी इस पुनर्गठन प्रक्रिया को एक ही चरण में पूरा करना चाहती है, ताकि लंबे समय तक अनिश्चितता और बार-बार छंटनी की स्थिति से बचा जा सके।

क्लाउडफ्लेयर ने कहा कि एआई तेजी से तकनीकी उद्योग के कामकाज और कारोबारी मॉडल को बदल रहा है। ऐसे में प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए कंपनी अपने संगठनात्मक ढांचे को नया रूप दे रही है।

कंपनी के मुताबिक, उसकी परिवर्तन रणनीति का उद्देश्य संगठन को 'तेज और ज्यादा नवोन्मेषी' बनाना है, क्योंकि वह एआई-आधारित उत्पादों और सेवाओं में लगातार निवेश कर रही है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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