एसबीआई ने लोन से लेकर एफडी पर घटाईं ब्याज दरें, अगले हफ्ते से होंगी लागू

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने लोन से लेकर फिक्स्ड डिपॉजिट्स (एफडी) पर ब्याज दरों को घटा दिया है। नई दरें सोमवार से लागू होंगी।

एसबीआई की ओर से यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट को 25 आधार अंक 5.50 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया है।

एसबीआई की ओर से मर्जिन कास्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (एमसीएलआर) को 5 आधार अंक या 0.05 प्रतिशत कम किया गया है। यह वह दर होती है, जिस आधार पर बैंक लोन की ब्याज दर तय करते हैं। इसके कम होने का असर सभी प्रकार के लोन की ब्याज दरों पर पड़ता है।

एसबीआई ने ओवरनाइट और एक महीने की एमसीएलआर दर को 7.90 प्रतिशत से घटाकर 7.85 प्रतिशत कर दिया है। तीन महीने के एमसीएलआर को 8.30 प्रतिशत से घटाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया है। छह महीने के एमसीएलआर को 8.65 प्रतिशत से घटाकर 8.60 प्रतिशत कर दिया है।

वहीं, बैंक ने एक और दो वर्षों के एमसीएलआर की दर को 8.75 प्रतिशत से घटाकर 8.70 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, तीन वर्षों के लिए एमसीएलआर की दरों को 8.85 प्रतिशत से घटाकर 8.80 प्रतिशत कर दिया गया है।

बैंक ने एफडी पर भी ब्याज दरों को भी कम किया है।

एसबीआई की नई दरों के मुताबिक, 3 करोड़ रुपए से कम की दो से तीन साल की एफडी पर सामान व्यक्ति के लिए ब्याज दर अब 6.40 प्रतिशत होगी, जो कि पहले 6.45 प्रतिशत थी। वहीं, इसी अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर अब 6.90 प्रतिशत होगी, जो कि पहले 6.95 प्रतिशत थी।

बैंक ने अपनी स्पेशल 444 दिनों की एफडी अमृत ​​वृष्टि पर ब्याज दर को 6.60 प्रतिशत से घटाकर 6.45 प्रतिशत कर दिया है।

एसबीआई के मुताबिक, अब सामान्य व्यक्तियों को 7-45 दिनों की एफडी पर 3.05 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी। 46-179 दिनों की एफडी पर 4.90 प्रतिशत, 180-210 दिनों की एफडी पर 5.65 प्रतिशत, 211 दिनों से लेकर एक साल से कम की एफडी पर अब ब्याज दर 5.90 प्रतिशत होगी।

एक साल से लेकर दो साल से कमी की अवधि के लिए ब्याज दर 6.25 प्रतिशत होगी। वहीं, तीन से पांच साल से कम की अवधि पर ब्याज दर 6.3 प्रतिशत होगी। पांच से 10 साल तक की एफडी पर ब्याज दर 6.05 प्रतिशत होगी।

इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को बैंक द्वारा 0.50 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज दी जा रही है।

--आईएएनएस

एबीएस/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...