नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। सरकार ने बताया है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका ने एमएसएमई सेक्टर में सहयोग और तालमेल को मजबूत करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और समावेशी विकास में इस क्षेत्र की अहम भूमिका को स्वीकार किया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की। इनमें वित्त तक पहुंच बढ़ाना, उद्यमों के औपचारिकरण को बढ़ावा देना, डिजिटलीकरण की गति तेज करना और एमएसएमई विकास में उद्यमिता और कौशल विकास को मजबूत करना शामिल है।
यह बैठक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) में आयोजित की गई थी। इसकी अध्यक्षता एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने की, जबकि दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लघु व्यवसाय विकास मंत्री स्टेला टेम्बिसा नडाबेनी ने किया।
बयान में आगे कहा गया है कि यह बैठक भारत और दक्षिण अफ्रीका की इस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वे द्विपक्षीय जुड़ाव को और गहरा करेंगे। इसके साथ ही, दोनों देशों में एमएसएमई के विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए एक सहायक माहौल तैयार करेंगे।
इस बीच, एमएसएमई को क्षेत्रीय और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करने में मदद करने के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण की जरूरत है। इस दृष्टिकोण के तहत अधिक डिजिटल समावेशन, मजबूत नवाचार क्षमताओं और एमएसएमई की बेहतर तकनीकी तत्परता के माध्यम से तकनीकी अंतर को पाटने पर जोर दिया जाएगा।
एमएसएमई मंत्रालय की ओर से 'नई औद्योगिक क्रांति पर ब्रिक्स साझेदारी' के तहत दूसरी 'एसएमई कार्य समूह बैठक' आयोजित की गई। इस बैठक में ब्रिक्स देशों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसने अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान किया। साथ ही आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, नवाचार और समावेशी विकास में एमएसएमई की भूमिका को भी रेखांकित किया।
इस बैठक में ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं के बीच एमएसएमई के लिए प्रौद्योगिकी तक पहुंच, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और कौशल विकास के क्षेत्रों में गहरे सहयोग के महत्व को भी दोहराया गया।