एक दिन में 54 लाख से ज्‍यादा एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद: सरकार

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। देश में आपूर्ति शृंखलाओं को प्रभावित करने वाली मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य है। सरकार ने शनिवार को बताया कि 27 मार्च को ही 54 लाख से अधिक एलपीजी रिफिल वितरित किए गए।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, एलपीजी वितरकों में आपूर्ति की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है और शुक्रवार को उद्योग के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 91 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को 53 प्रतिशत (फरवरी 2026) से बढ़ाकर अब 84 प्रतिशत कर दिया गया है।

मंत्रालय ने आगे कहा कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, "देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।"

घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।

बयान के मुताबिक, एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। अब तक लगभग 2,900 छापे मारे जा चुके हैं और कल 1,700 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू ओएमसी) ने अब तक एलपीजी वितरकों को 390 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

इसके अलावा देशभर में सभी खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की है।

बयान में कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में अफरा-तफरी मचने से खरीदारी की खबरें आईं। कुछ अफवाहों के चलते कुछ राज्यों में खुदरा दुकानों पर अफरातफरी मच गई, जिसके परिणामस्वरूप दुकानों पर असामान्य रूप से अधिक बिक्री और भारी भीड़ देखने को मिली, हालांकि यह सूचित किया जाता है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार जनता से एक बार फिर आग्रह करती है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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