अमेरिका ने चीनी कंपनियों के संचार उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का रखा प्रस्ताव

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ चीनी कंपनियों के दूरसंचार और निगरानी उपकरणों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है।

चैनल न्यूज एशिया (सीएनए) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एफसीसी ने 2022 में ही अमेरिका में हुआवेई, जेडटीई, हाइटेरा, हिकविजन और दहुआ के नए मॉडलों को मंजूरी देने से रोकने का फैसला कर लिया था और अब अमेरिकी बाजार में पहले से मंजूर उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।

एफसीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ऐसे इक्विपमेंट के लगातार इम्पोर्ट और मार्केटिंग पर रोक लगाना राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी है। ऐसे में अब इसे बैन करने को लेकर आम लोगों से उनकी प्रतिक्रियां मांगी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉशिंगटन में चीनी दूतावास और हिकविजन ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। पहले से खरीदे गए डिवाइस इस्तेमाल किए जा सकेंगे, लेकिन एजेंसी ऑर्डर फाइनल होने के तुरंत बाद इम्पोर्ट पर रोक लगा सकती है ताकि नए डिवाइस इम्पोर्ट करने की जल्दबाजी से बचा जा सके।

यह प्रस्ताव चीनी टेक्नोलॉजी को टारगेट करने वाली एफसीसी की कई कार्रवाइयों के बाद आया है, जिसमें दिसंबर में ड्रोन के नए मॉडल और पिछले हफ्ते कंज्यूमर राउटर पर बैन शामिल है।

अक्टूबर में, एफसीसी ने अपनी कवर्ड लिस्ट में शामिल कंपनियों के पार्ट्स वाले डिवाइस के लिए नए अप्रूवल को ब्लॉक करने का फैसला किया और एजेंसी को कुछ खास मामलों में पहले से अप्रूव्ड इक्विपमेंट पर बैन लगाने दिया।

हिकविजन ने दिसंबर में उस एफसीसी के फैसले को चुनौती देते हुए एक केस किया था, जिसमें अथॉरिटी के दखल का हवाला दिया गया था। इसके साथ ही हिकविजन ने बिना किसी सबूत के आधार के कानूनी प्राधिकरण को पिछली तारीख से रोकने की मांग की थी।

फरवरी में एक अमेरिकी अपील कोर्ट ने हिकविजन की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपने नए वीडियो सर्विलांस और टेलीकम्युनिकेशन उपकरण की मंजूरी पर 2022 के एफसीसी बैन को हटाने की मांग की थी।

मार्च में अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फर्म एंथ्रोपिक ने तीन चीनी यूनिकॉर्न (डीपसीक, मिनिमैक्स और मूनशॉट एआई) पर अपने सिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए उसके क्लाउड मॉडल से गैर-कानूनी तरीके से कैपेबिलिटी निकालने का आरोप लगाया था।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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