ऐसी झील, जहां खूबसूरती और खौफ साथ-साथ रहते हैं; 1986 में बरसी थी मौत

नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। पृथ्वी पर कई खूबसूरत और शांत तो कई बेहद खतरनाक और रहस्यों से भरी जगहें भी हैं। कैमरून का लेक न्योस भी कुछ ऐसा ही है। देखने में भले यह झील शांत लगे, लेकिन वास्तव में कई जानें ले चुका है। वैज्ञानिक भी मानते हैं कि कैमरून की लेक न्योस दुनिया की सबसे खतरनाक और रहस्यमयी झीलों में से एक है।

यह झील एक निष्क्रिय ज्वालामुखी के क्रेटर में बनी है और इसका सबसे बड़ा रहस्य यह है कि यह अचानक कार्बन डाइऑक्साइड का घातक बादल छोड़ सकती है, जिसे 'लीम्निक विस्फोट' कहा जाता है। 21 अगस्त 1986 की शाम को इसी झील से निकला गैस का बादल 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से घाटी में फैला और लगभग 1800 लोगों के साथ ही 35 सौ मवेशियों और अनगिनत पक्षियों की जान ले ली। लोग सोते हुए ही मर गए।

लेक न्योस उत्तर-पश्चिमी कैमरून के ओकू ज्वालामुखी क्षेत्र में स्थित है। जो ज्वालामुखी विस्फोट से बने गड्ढे में पानी भरने से बनती है। झील की तली में 80 किलोमीटर नीचे मैग्मा का भंडार है, जो धीरे-धीरे सीओ2 छोड़ता है। यह गैस जमीन के पानी में घुलकर झील की गहराई में जमा होती जाती है। जब दबाव बहुत बढ़ जाता है, तो गैस अचानक फूटकर बाहर निकलती है और भारी होने के कारण नीचे की ओर बहती है। इस बादल में ऑक्सीजन नहीं होती, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

21 अगस्त 1986 की घटना के महीनों बाद वैज्ञानिकों को इसका कारण पता चला। लेक न्योस का रहस्य यह है कि यह खूबसूरत झील अचानक मौत का कारण बन सकती है। उपजाऊ मिट्टी और प्राकृतिक सुंदरता के बावजूद, सीओ2 का जमा होना और अचानक फूटना इसे दुनिया की सबसे खतरनाक क्रेटर झीलों में से एक बनाता है। यह दुनिया की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी।

वैज्ञानिकों ने इस खतरे को कम करने के लिए साल 2001 में 'डीगैसिंग' सिस्टम लगाया। इसमें पाइप और फव्वारे से गैस को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जाता है। साल 2011 में दो और पाइप लगाए गए। अब झील से गैस धीरे-धीरे निकल रही है, जिससे बड़ा विस्फोट होने का खतरा कम हो गया है। वैज्ञानिक अन्य अफ्रीकी झीलों जैसे लेक मोनन की भी जांच कर रहे हैं, जहां ऐसी घटना हो सकती है।

18 दिसंबर 2014 को ली गई लैंडसेट 8 सैटेलाइट तस्वीर में लेक न्योस सामान्य दिखती है। इसमें छोटे सफेद बिंदु के रूप में गांव और बस्तियां दिखते हैं, जो जंगलों और ज्वालामुखी पहाड़ों के बीच बसे हैं। झील के आसपास का इलाका पुरानी ज्वालामुखी मैदान का हिस्सा है, जो गिनी की खाड़ी तक फैला है।

--आईएएनएस

एमटी/वीसी

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