
उत्तरकाशी: पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय द्वारा शुक्रवार को पुलिस लाइन उत्तरकाशी में अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में चारधाम यात्रा के सुगम संचालन, अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी पर रोक तथा यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले पुलिस कर्मियों की विभागीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही पिछले माह प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं पर हुई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई।
चारधाम यात्रा के आगामी पीक सीजन को देखते हुए एसपी कमलेश उपाध्याय ने सभी थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील एवं संकरे स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग एक माह से पुलिस द्वारा यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है, लेकिन आगामी एक माह पुलिस के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहेगा। गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात दबाव की संभावना को देखते हुए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी मुस्तैदी, ईमानदारी और समर्पण के साथ ड्यूटी का निर्वहन करें।
उन्होंने “सेवा, सुरक्षा और सम्मान” की भावना के अनुरूप तीर्थयात्रियों के साथ सौम्य व्यवहार करने तथा हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने लंबित विवेचनाओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, गंभीर मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा लंबित समन एवं वारंटों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए। इसके साथ ही ऑनलाइन पोर्टल एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन अभियान को तेज करने, निरोधात्मक कार्रवाई बढ़ाने तथा रैश ड्राइविंग, ड्रंक एंड ड्राइव, अवैध नंबर प्लेट, हूटर और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त गुमशुदा बच्चों, महिलाओं से संबंधित मामलों तथा साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर माह अप्रैल 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को “मैन ऑफ द मंथ” घोषित कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मुख्य आरक्षी नरेश बडोनी, मुख्य आरक्षी संजय नेगी, आरक्षी सुनील मैठानी, आरक्षी दीपक चौहान, आरक्षी जितेन्द्र सिंह, आरक्षी देवेन्द्र सिंह, आरक्षी राजेश उनियाल, आरक्षी मनोज प्रकाश, आरक्षी नितिन शर्मा, आरक्षी विरेन्द्र सिंह नेगी, फायरमैन अरविन्द, फायरमैन सुमित तथा महिला आरक्षी मीना शामिल रहे।
क्राइम मीटिंग एवं सैनिक सम्मेलन में पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार, निरीक्षक अभिसूचना विकास नौटियाल, निरीक्षक यातायात सुनील कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुप नयाल, प्रभारी एसओजी निखिल देव चौधरी सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं यमुना वैली के पुलिस अधिकारियों, प्रभारी निरीक्षक हर्षिल एवं प्रभारी निरीक्षक मनेरी ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
