उत्तरकाशी के किसानों की उपज अब पहुंचेगी आईटीबीपी तक, पहली खेप रवाना

उत्तरकाशी के किसानों की उपज अब आईटीबीपी तक, वाइब्रेंट विलेज योजना को मिली रफ्तार

उत्तरकाशी: जिले के स्थानीय किसानों की मेहनत अब देश की सीमाओं तक पहुंचने लगी है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) एवं उत्तराखंड औद्योगिक परिषद के मध्य हुए एमओयू के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित ताजी एवं पारंपरिक सब्जियों और फलों की पहली खेप आईटीबीपी को रवाना की गई। इस अवसर पर आईटीबीपी मातली में उद्यान विभाग के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पहल की सराहना करते हुए आईटीबीपी की 12वीं एवं 35वीं बटालियन को सब्जियों की आपूर्ति का शुभारंभ किया। पहली खेप के रूप में कुल 32 कुंतल ताजी सब्जियां एवं फल भेजे गए, जिनका बाजार मूल्य लगभग एक लाख 30 हजार रुपये बताया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों की उपज को उचित बाजार उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार मिलेगा तो किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी और पलायन रोकने में भी सहायता मिलेगी।

एमओयू के अनुसार आगामी समय में आईटीबीपी की कुल मांग का 25 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय किसानों द्वारा ही पूरा किया जाएगा। यह कार्य रेनुका समिति, रेनुका चौमास एफपीओ एवं भागीरथी अन्नपूर्णा एफपीओ के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

इस दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आईटीबीपी मातली में आयोजित विशेष “नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम” में भी प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्थानीय संसाधनों के महत्व और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर गांव और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही क्षेत्रीय विकास की आधारशिला है।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ अपने परिवेश, कृषि और ग्रामीण आर्थिकी को समझने का प्रयास करें ताकि भविष्य में क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम में मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह, आईटीबीपी से सेकंड इन कमांडेंट शेखर सिंह गुसाईं, डिप्टी कमांडेंट संजय भंडारी, असिस्टेंट कमांडेंट एम.एस. अरोड़ा, 35वीं बटालियन आईटीबीपी महिडांडा से एसओ राजेंद्र सिंह रावत, डीडीएम नाबार्ड पारित गुप्ता, रेनुका समिति की अध्यक्ष प्रज्ज्वल उनियाल, भागीरथी अन्नपूर्णा एफपीओ की सीईओ सीमा जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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