
उत्तरकाशी: भटवाड़ी तहसील अंतर्गत दयारा बुग्याल ट्रेक मार्ग पर लापता हुई महिला ट्रेकर की तलाश के लिए चलाए जा रहे खोज एवं बचाव अभियान को और अधिक तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से अभियान की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से अब तक किए गए खोज एवं बचाव कार्यों, अभियान में लगाए गए संसाधनों, राहत एवं बचाव दलों की तैनाती तथा प्रभावित क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिला ट्रेकर की शीघ्र खोज सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में खोज अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) तथा सेना की सहायता भी ली जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर खोज अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए ताकि लापता महिला तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कंट्रोल रूम से अभियान की लगातार निगरानी की जाए तथा खोज एवं बचाव कार्यों से संबंधित प्रत्येक गतिविधि की नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही किसी भी संभावित सुराग या सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और अभियान की सफलता के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
प्रशासन के अनुसार सोमवार को आपदा त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा गोई कैंप से रैथल क्षेत्र की ओर अलग-अलग दिशाओं में लगभग पांच-पांच किलोमीटर के दायरे में व्यापक सर्च अभियान चलाया गया। टीमों ने दुर्गम जंगलों, पैदल मार्गों और संभावित क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान संचालित किया।
जिला प्रशासन ने बताया कि महिला ट्रेकर की खोज के लिए अभियान लगातार जारी है तथा विभिन्न एजेंसियों की टीमें क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि महिला की सुरक्षित तलाश और बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं तथा अभियान को आवश्यकता के अनुसार और अधिक मजबूत किया जाएगा।