
उत्तरकाशी: थाना पुरोला क्षेत्र में नाबालिगा के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में पुरोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन, पतारसी-सुरागसी तथा लगातार तलाश अभियान चलाकर नाबालिगा को मोरी क्षेत्र से सकुशल बरामद किया। पीड़िता के बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में बीएनएस एवं पोक्सो अधिनियम की गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार रविवार 10 मई 2026 की प्रातः थाना पुरोला में एक व्यक्ति द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री के घर से बिना बताए चले जाने और वापस न लौटने के संबंध में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक विवेचना के दौरान लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय द्वारा पूरे प्रकरण में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा के निकट पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष पुरोला दीपक कठैत के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम को नाबालिगा की शीघ्र बरामदगी एवं संबंधित युवक की तलाश के निर्देश दिए गए।
निर्देशों के क्रम में पुलिस टीम ने लगातार संभावित स्थानों पर दबिश, पतारसी-सुरागसी तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन के माध्यम से पुलिस टीम मोरी क्षेत्र के एक गांव तक पहुंची, जहां रविवार देर सांय नाबालिगा को बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस द्वारा पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 64 बीएनएस तथा 5(ठ)/6 पोक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की।
पुलिस ने मामले में नाबालिगा के अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोपी युवक गोविन्द राम (18 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पूरे प्रकरण में कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में अपर उप निरीक्षक मनोज नेगी एवं महिला कांस्टेबल बबीता शामिल रहे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नाबालिगा को कम समय में सकुशल बरामद कर लिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है।
